भरतपुर: खेती की दुनिया में नैनो क्रांति, इफको ने डीग में रिटेलर्स को सिखाए भविष्य के कृषि मंत्र
भरतपुर के डीग में इफको द्वारा आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के प्रयोग से खेती की तस्वीर बदलने की तैयारी की गई। संयुक्त निदेशक कृषि रामकुंवर जाट की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने ड्रोन तकनीक और आधुनिक उर्वरकों के महत्व को समझाया। रिटेलर्स और सहकारी समितियों के लिए आयोजित इस सत्र का उद्देश्य किसानों तक भविष्य की तकनीक पहुंचाना है।

भरतपुर। राजस्थान के कृषि परिदृश्य में एक युगांतरकारी बदलाव की आहट सुनाई दे रही है, जहां पारंपरिक खादों की जगह अब आधुनिक नैनो तकनीक लेने को तैयार है। डीग जिले के कृषि परिदृश्य को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से इफको द्वारा आयोजित एक भव्य प्रशिक्षण कार्यक्रम ने क्षेत्र के रिटेलर्स और सहकारी समितियों के बीच भविष्य की खेती का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। बुधवार को आयोजित इस विशेष 'सेल्समैन ट्रेनिंग' कार्यक्रम में न केवल तकनीक पर चर्चा हुई, बल्कि धरातल पर उसके सफल क्रियान्वयन का खाका भी खींचा गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला डीग के संयुक्त निदेशक कृषि रामकुंवर जाट की अध्यक्षता में हुआ, जिन्होंने दीप प्रज्वलन के साथ आधुनिक खेती के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दोहराया। इस महत्वपूर्ण संगोष्ठी में इफको राजस्थान के राज्य विपणन कार्यालय से पधारे प्रबंधक (कृषि सेवाएं) डॉ. ए.पी. सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने वैज्ञानिक बारीकियों के साथ नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की कार्यक्षमता को समझाते हुए बताया कि कैसे ये नन्हे कण मिट्टी की उर्वरता और किसानों की जेब, दोनों की रक्षा कर सकते हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र कुम्हेर की विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका जोशी ने चर्चा को आगे बढ़ाते हुए इस बात पर विशेष बल दिया कि नैनो उत्पादों की सफलता के लिए व्यापक जन-प्रचार अनिवार्य है। उन्होंने नैनो डीएपी के उत्साहजनक परिणामों का उल्लेख करते हुए उपस्थित जनसमूह को प्रेरित किया। वहीं, अध्यक्षता कर रहे रामकुंवर जाट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थापक और रिटेलर्स किसानों के बीच जाकर नैनो डीएपी के बीजोपचार की विधि का सजीव प्रदर्शन करें ताकि किसान प्रत्यक्ष प्रमाण देख सकें।
प्रशासनिक और तकनीकी सहयोग की इस कड़ी में जिले के डिप्टी रजिस्ट्रार रामावतार सहित डीग की समस्त कृषि सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इफको एमसी से आए ओमप्रकाश ने फसलों को कीटों से बचाने हेतु आधुनिक कीटनाशकों की जानकारी साझा की, तो दूसरी ओर सुरेश कुमार चोपड़ा ने इफको नैनो वेंशन के अंतर्गत आने वाले नए उत्पादों की श्रृंखला से सभी को परिचित कराया। कार्यक्रम का कुशल संचालन इफको भरतपुर के उप क्षेत्र प्रबंधक श्याम सुन्दर द्वारा किया गया।
इस आयोजन का सबसे आकर्षण का केंद्र इफको ड्रोन पायलट जितेन्द्र द्वारा किया गया ड्रोन स्प्रे का प्रदर्शन रहा। आसमान में उड़ते ड्रोन ने जब खेत में नैनो उर्वरक का छिड़काव किया, तो वहां मौजूद ओमवीर सोलंकी, रामकिशोर गोस्वामी और कृष्ण कुमार सहित सभी उपस्थित सदस्यों ने कृषि के इस डिजिटल अवतार को अचंभित होकर देखा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल एक सरकारी औपचारिक बनकर नहीं रहा, बल्कि इसने यह स्पष्ट कर दिया कि आने वाले समय में भरतपुर और डीग के खेतों में श्रम कम और तकनीक का प्रभाव अधिक दिखाई देगा।

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