भरतपुर: नगला कल्याण गांव में रास्ते और पोखर पर अतिक्रमण से जलभराव
उच्चैन क्षेत्र के नगला कल्याण गांव में 15 साल से व्याप्त जलभराव की समस्या पर प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए अतिक्रमणकारियों को धारा 91 के तहत नोटिस जारी किए हैं।

भरतपुर के उच्चैन ब्लॉक स्थित नगला कल्याण गांव का मुख्य मार्ग जो पिछले डेढ़ दशक से कीचड़ और गंदे पानी से भरा हुआ है, ग्रामीणों ने शीघ्र जल निकासी की मांग की है।
भरतपुर - उपखण्ड उच्चैन क्षेत्र के गांव नगला कल्याण के रास्ता और पोखर की हालत बेहद खराब है। गांव के मुख्य रास्ते में कीचड़ और जल भराव की समस्या है, जबकि पोखर पर दबंग परिवारों का अतिक्रमण है। जिसके चलते पानी की निकासी नहीं हो पा रही है, जिससे गांव और आसपास के लोगों को आवागमन में दिक्कत आ रही है। पिछले 15 साल से यही स्थिति बनी हुई है। कई बार जिला प्रशासन के अधिकारियों को अवगत कराया लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की।
ग्रामीणों की समस्याएं और प्रशासन की अनदेखी
- ग्रामीणों ने बताया कि गांव की पोखर पर अतिक्रमण है जिसके कारण गांव के पानी की निकासी का रास्ता नहीं है।
- जिसके चलते गांव के मुख्य रास्ते में कीचड़ और गंदा पानी पिछले 15 साल से जमा है।
- "इससे बुजुर्ग महिला-पुरुष और बच्चों को निकलने में दिक्कत आ रही है, जो दिन में कीचड़युक्त और जल भराव रास्ता से आसानी से नहीं निकल सकते हैं। रात्रि की बात तो दूर है।"
गांव के लोगों ने कई बार प्रशासन को गांव के रास्ता और अतिक्रमण की हालत से अवगत कराया है, लेकिन पिछले 15 साल से कोई सुनवाई नहीं हुई है।
प्रशासन की कार्रवाई और ग्रामीणों की मांग
अब प्रशासन ने एक दर्जन परिवारों को पोखर और रास्ता के अतिक्रमण हटाने के लिए धारा 91 की कार्यवाही कर नोटिस जारी कर दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि: "प्रशासन को जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाकर रास्ता और पोखर को मुक्त कराना चाहिए, ताकि गांव के लोगों को आवागमन में दिक्कत न हो।"

Umesh Lawania, Bharatpur
उमेश लावणिया भरतपुर से हमारे प्रतिष्ठित संवाददाता हैं। स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों के सटीक और समयनिष्ठ कवरेज के लिए उन्हें जाना जाता है। प्रात:काल न्यूज़ के पाठकों तक वे हमेशा सत्यनिष्ठ और प्रभावशाली खबरें पहुँचाते हैं। उनके लेख और रिपोर्टिंग में गहराई, स्पष्टता और भरोसेमंद जानकारी का समावेश रहता है, जो उन्हें हमारे न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म का एक अहम स्तंभ बनाता है।
