मेजर शैलेंद्र के साथ अमानवीय व्यवहार पर भड़का पथैना गांव, थाने पर ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन
मेजर शैलेंद्र के साथ हुए विवाद के बाद भरतपुर के खेड़ली मोड़ थाने पर ग्रामीणों का भारी आक्रोश देखने को मिला। थाना प्रभारी को लाइन हाजिर करने की नौबत कैसे आई? जानें इस बड़े हंगामे की पूरी रिपोर्ट और क्या है वर्तमान स्थिति।

भरतपुर के खेड़ली मोड़ थाना परिसर में पथैना गांव के ग्रामीण मेजर शैलेंद्र सिंह से हुए विवाद मामले में पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए।
भरतपुर जिले के भुसावर क्षेत्र के खेड़ली मोड़ थाना परिसर में सोमवार का दिन भारी हंगामे और आक्रोश के नाम रहा। पथैना गांव के सैकड़ों ग्रामीण मेजर शैलेंद्र सिंह के साथ पुलिस द्वारा किए गए कथित अमानवीय व्यवहार के विरोध में सड़कों पर उतर आए। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने मेजर के प्रति गरिमा के विपरीत आचरण किया, जिससे क्षेत्र में भारी रोष व्याप्त है। भारी भीड़ के साथ थाने पहुंचे ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की और दोषियों के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई।
घटना का सूत्रपात दो दिन पूर्व मेजर शैलेंद्र सिंह और खेड़ली मोड़ थाना पुलिस के बीच हुए एक विवाद से हुआ था। इस घटना के बाद से ही ग्रामीणों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष पनप रहा था, जो सोमवार को हिंसक प्रदर्शन के रूप में थाने के बाहर फूट पड़ा। प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एएसपी वैर ओमप्रकाश मीणा, सीओ नीरज भारद्वाज, बयाना व नदबई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी सहित कई थानों के प्रभारियों को मौके पर तैनात करना पड़ा।
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट मांग की कि थाना प्रभारी राजेश कसाना, हेड कांस्टेबल महेश कुमार, भूपेंद्र और सिपाही राकेश कुमार को अविलंब निलंबित किया जाए। ग्रामीणों ने थाने के संपूर्ण स्टाफ को स्थानांतरित करने की भी पुरजोर मांग की। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें वार्ता के लिए बुलाया और धैर्य बनाए रखने की अपील की। प्रशासनिक स्तर पर मामले की संवेदनशीलता को स्वीकार करते हुए उच्च अधिकारियों तक ग्रामीणों की मांगों को पहुँचाया गया।
प्रशासन की ओर से एएसपी वैर ओमप्रकाश मीणा ने धरना स्थल पर पहुँचकर ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पुलिस महकमे ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने घोषणा की कि खेड़ली मोड़ थाना प्रभारी राजेश कसाना को तत्काल प्रभाव से भरतपुर लाइन भेज दिया गया है। साथ ही, मामले में नामजद अन्य पुलिसकर्मियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई के लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त किया। यह घटना पुलिस और जनता के बीच बढ़ते अविश्वास और प्रशासनिक जवाबदेही की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करती है।

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