भरतपुर ग्राम कृषि महोत्सव: किसानों को मिली नैनो उर्वरक और ड्रोन तकनीक की जानकारी
कुम्हेर में जिला स्तरीय किसान सभा का आयोजन, कृषि विशेषज्ञों ने लागत कम करने और फसल उत्पादन बढ़ाकर किसानों की आय दोगुनी करने के वैज्ञानिक तौर-तरीके सिखाए।

भरतपुर के कुम्हेर में आयोजित ग्राम कृषि महोत्सव के दौरान सोमवार को उपस्थित किसानों को आधुनिक ड्रोन के माध्यम से नैनो उर्वरकों के कुशल छिड़काव की व्यावहारिक तकनीक का सीधा प्रदर्शन करके जानकारी देते विशेषज्ञ।
भरतपुर, 18 मई। भरतपुर जिले के कुम्हेर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा "ग्राम कृषि महोत्सव" के अंतर्गत सोमवार को एक विशाल जिला स्तरीय किसान सभा का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, आधुनिक कृषि पद्धतियों तथा नवीनतम कृषि आदानों के प्रति जागरूक व सजग बनाना रहा, ताकि पारंपरिक कृषि को वैज्ञानिक आधार देकर उन्नति के नए मार्ग प्रशस्त किए जा सकें।
इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री कर्ण नरेन्द्र (एसकेएन) कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के विस्तार शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. के. सी. शर्मा एवं कृषि महाविद्यालय, कुम्हेर के डीन डॉ. आर. के. मीणा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक देशराज सिंह, उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक योगेश कुमार शर्मा, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक राधेश्याम मीणा, कृषि विज्ञान केंद्र कुम्हेर के प्रमुख डॉ. नवाब सिंह, सहायक प्रोफेसर डॉ. रामफूल पुनिया, आईसीएआर-आईआईआरएमआर के डॉ. एम. एल. डोटानिया तथा कृषि विज्ञान केंद्र भरतपुर की डॉ. प्रियंका जोशी ने सहभागिता की।
आयोजन के दौरान तकनीकी सत्र में इफको भरतपुर के उप क्षेत्र प्रबंधक श्याम सुंदर ने उपस्थित किसानों को नैनो उर्वरकों के अभिनव उपयोग एवं उनके दूरगामी लाभों की विस्तृत और व्यावहारिक जानकारी प्रदान की। उन्होंने आधुनिक खेती में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, नैनो जिंक और सागरिका जैसे क्रांतिकारी उत्पादों के प्रभावी उपयोग पर विशेष प्रकाश डाला। इसके साथ ही उन्होंने कृषि क्षेत्र में ड्रोन आधारित स्प्रे तकनीक की उपयोगिता, समय व लागत की बचत और आधुनिक कृषि में इसकी निर्णायक भूमिका को विस्तार से समझाया।
मंच से कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने, खेती की बढ़ती लागत को कम करने तथा फसल उत्पादन के साथ-साथ अपनी शुद्ध आय बढ़ाने के लिए दृढ़ता से प्रेरित किया। इस महोत्सव में भरतपुर संभाग के बड़ी संख्या में किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से कृषि विशेषज्ञों के समक्ष अपनी समस्याओं को रखकर अपनी जिज्ञासाओं का त्वरित व सटीक समाधान प्राप्त किया।
कृषि क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों को जीवंत रूप देने के लिए इफको के एसएफए ओमवीर सोलंकी द्वारा विभिन्न उन्नत इफको उत्पादों की एक भव्य प्रदर्शनी लगाई गई। इस अवसर पर उपस्थित किसानों को आधुनिक ड्रोन के माध्यम से खेतों में नैनो उर्वरकों के कुशल छिड़काव की व्यावहारिक तकनीक का सीधा प्रदर्शन कर विस्तृत जानकारी दी गई। यह महोत्सव क्षेत्र के कृषकों को सशक्त बनाने और कृषि में वैज्ञानिक क्रांति का सूत्रपात करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और प्रभावी कदम सिद्ध हुआ है।

