भरतपुर। आधुनिक कृषि तकनीकों के समावेश से किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प के साथ भरतपुर के सेवर ब्लॉक स्थित नगला परशुराम गांव में एक विशेष किसान सभा का आयोजन किया गया। यह सभा केवल एक बैठक मात्र नहीं थी, बल्कि पारंपरिक खेती से वैज्ञानिक खेती की ओर बढ़ते कदम का एक जीवंत उदाहरण बनी। कृषि क्षेत्र में आ रहे क्रांतिकारी बदलावों को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और भविष्य की उन्नत खेती के गुर सीखे।

कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाते हुए 'भगवान सिंह बीज भंडार' के प्रोपराइटर धर्मेंद्र सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने स्थानीय स्तर पर उन्नत बीजों और उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया। इस अवसर पर इफको (IFFCO) के क्षेत्रीय अधिकारी श्याम सुंदर और एमडीई (MDE) राम किशोर गोस्वामी ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। विशेषज्ञों ने किसानों को संबोधित करते हुए नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और सागरिका जैसे अत्याधुनिक कृषि उत्पादों के सटीक उपयोग और उनके दूरगामी लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।

विशेषज्ञों ने तकनीकी पक्ष को स्पष्ट करते हुए बताया कि किसान अब परंपरागत खाद के भारी-भरकम कट्टों पर निर्भरता कम कर सकते हैं। राम किशोर गोस्वामी ने जानकारी दी कि फसल के बीजों को 5 मिली प्रति किलोग्राम की दर से नैनो डीएपी से उपचारित करना चाहिए। इसके साथ ही, जब फसल 30 से 35 दिन की हो जाए, तब 5 मिली प्रति लीटर पानी के अनुपात में नैनो डीएपी का छिड़काव करना अत्यंत लाभकारी रहता है। इस आधुनिक पद्धति को अपनाकर किसान न केवल दानेदार डीएपी की 50 प्रतिशत तक बचत कर सकते हैं, बल्कि अपनी लागत में भी प्रभावी कमी ला सकते हैं।

चर्चा को आगे बढ़ाते हुए क्षेत्रीय अधिकारी श्याम सुंदर ने नैनो यूरिया के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि फसल के 30 से 35 दिन का होने पर नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को एक साथ मिलाकर छिड़काव किया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन नैनो उत्पादों के साथ खरपतवार नाशक और अन्य कीटनाशक दवाओं का भी सुरक्षित रूप से उपयोग किया जा सकता है। मिट्टी की उर्वरता और फसल की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उन्होंने पहली सिंचाई के समय सागरिका के उपयोग की सलाह दी। इस आयोजन ने नगला परशुराम के किसानों के बीच एक नई चेतना का संचार किया है, जो आने वाले समय में भरतपुर की कृषि उपज और किसानों की समृद्धि में एक निर्णायक भूमिका निभाएगा।

Umesh Lawania, Bharatpur

Umesh Lawania, Bharatpur

उमेश लावणिया भरतपुर से हमारे प्रतिष्ठित संवाददाता हैं। स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों के सटीक और समयनिष्ठ कवरेज के लिए उन्हें जाना जाता है। प्रात:काल न्यूज़ के पाठकों तक वे हमेशा सत्यनिष्ठ और प्रभावशाली खबरें पहुँचाते हैं। उनके लेख और रिपोर्टिंग में गहराई, स्पष्टता और भरोसेमंद जानकारी का समावेश रहता है, जो उन्हें हमारे न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म का एक अहम स्तंभ बनाता है।

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