भरतपुर: जिला कलक्टर का जनाना अस्पताल में 'संडे एक्शन', औचक निरीक्षण कर जांची व्यवस्थाएं और दिए कड़े निर्देश
भरतपुर में रविवार को जिला कलक्टर कमर चौधरी ने राजकीय जनाना अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलक्टर ने साफ-सफाई, पीकू वार्ड की सुरक्षा और जननी सुरक्षा योजना के भुगतान को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने मरीजों से सीधा फीडबैक लिया और सर्दी से बचाव के उपायों की जांच की। यह रिपोर्ट प्रशासन की संवेदनशीलता और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के प्रयासों को उजागर करती है।

भरतपुर। प्रशासनिक सक्रियता और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए भरतपुर जिला कलक्टर कमर चौधरी ने रविवार को अवकाश के बावजूद राजकीय जनाना अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। जिला कलक्टर के इस अचानक दौरे से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया, वहीं उन्होंने अस्पताल की आधारभूत व्यवस्थाओं, साफ-सफाई और मरीजों को मिल रहे उपचार की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की। रविवार, 25 जनवरी को हुए इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में आने वाली प्रसुताओं और नवजातों को मिल रही सुविधाओं की जमीनी हकीकत को परखना था।
निरीक्षण की शुरुआत करते हुए जिला कलक्टर ने सबसे पहले अस्पताल परिसर की साफ-सफाई का जायजा लिया। उन्होंने तीमारदारों के लिए बनाए गए वेटिंग रूम और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सफाई व्यवस्था में सुधार की गुंजाइश देखते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई और नियमित सफाई सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। कलक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अस्पताल में स्वच्छता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी फ्लेक्स और बैनर के माध्यम से प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित की जाए, ताकि दूर-दराज से आने वाले आम रोगी और उनके परिजन अपने अधिकारों और सुविधाओं के प्रति जागरूक हो सकें।
इसके पश्चात, जिला कलक्टर ने लेबर रूम का रुख किया, जहां उन्होंने प्रसव पूर्व और पश्चात दी जाने वाली सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसुताओं को मिलने वाले भुगतान की स्थिति की जानकारी ली और लंबित भुगतानों पर नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देश दिए कि पात्र महिलाओं को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। कलक्टर ने केवल फाइलों का निरीक्षण नहीं किया, बल्कि वे सीधे वार्डों में भर्ती महिलाओं के बीच पहुंचे। उन्होंने प्रसुताओं और उनके परिजनों से संवाद कर अस्पताल प्रशासन द्वारा मुहैया कराई जा रही सुविधाओं, दवाइयों की उपलब्धता और स्टाफ के व्यवहार के बारे में सीधा फीडबैक लिया।
अस्पताल के सबसे संवेदनशील हिस्से, पीकू (PICU) वार्ड का निरीक्षण करते हुए जिला कलक्टर ने नवजात शिशुओं के लिए उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों और सुविधाओं को देखा। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों और नर्सिंग स्टाफ को सख्त हिदायत दी कि पीकू वार्ड में संक्रमण के खतरे को देखते हुए अनावश्यक प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए और नवजातों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए। साथ ही, बच्चा वार्ड के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कड़ाके की सर्दी से शिशुओं को बचाने के लिए किए गए उपायों, जैसे हीटर और वार्मर की व्यवस्था को भी परखा।
निरीक्षण के अंत में जिला कलक्टर ने वर्तमान में साफ-सफाई में दिखे सुधार पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन इसे निरंतर बनाए रखने की नसीहत भी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि अस्पताल में आने वाले हर शिशु और प्रसुता को सरकार की योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ मिलना चाहिए। निरीक्षण के दौरान डॉ. हरिमोहन ने जिला कलक्टर को विभिन्न वार्डों की व्यवस्थाओं और अस्पताल प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। इस औचक निरीक्षण ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की कोताही को नजरअंदाज नहीं करेगा और आमजन को बेहतर सुविधाएं दिलाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
