राजस्थान के भरतपुर जिला कलक्टर कमर चौधरी ने गुरुवार को सेवर पंचायत समिति क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बांसी एवं महुआ का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक सतर्कता का परिचय दिया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मिड-डे मील योजना की जमीनी हकीकत जानना और शैक्षणिक गुणवत्ता का आकलन करना रहा। जिला कलक्टर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए विद्यालय में विद्यार्थियों को परोसे जा रहे भोजन को स्वयं चखकर उसकी गुणवत्ता, स्वाद और स्वच्छता के मानकों की गहनता से जांच की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजकीय मानकों के अनुरूप पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन ही विद्यार्थियों की थाली तक पहुँचना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान कलक्टर चौधरी ने विद्यार्थियों के बीच बैठकर उनसे सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने मध्यान्ह भोजन की नियमितता और पोषण स्तर पर फीडबैक लेने के साथ-साथ आगामी परीक्षा परिणामों, पढ़ाई की स्थिति और विभिन्न सरकारी शैक्षणिक योजनाओं के लाभ पर विस्तृत चर्चा की। विद्यालय स्टाफ को सख्त हिदायत देते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ उनके पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। इस प्रशासनिक गतिविधि के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी अतुल चतुर्वेदी, बांसी प्रधानाचार्य लोकेश गुप्ता, महुआ प्रधानाचार्य अर्चना कुमारी, व्याख्याता जितेंद्र वशिष्ठ, प्रभाकर शर्मा, ललित कुमार, वरिष्ठ अध्यापक प्रेम शंकर और पंचायत शिक्षक भूपेंद्र सिंह सहित अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।

निरीक्षण का एक मानवीय और प्रेरणादायक पहलू तब सामने आया जब महुआ विद्यालय की दसवीं कक्षा की छात्रा मुस्कान गोयल ने जिला कलक्टर को रॉबर्ट फ्रॉस्ट की प्रसिद्ध कविता "फायर एंड आइस" सुनाई। छात्रा ने कविता के निहितार्थ समझाते हुए बताया कि यह मानव की असीमित इच्छाओं और अहंकार की व्याख्या करती है। मुस्कान की इस प्रतिभा से अभिभूत होकर जिला कलक्टर ने उसकी सराहना की और कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अपनी आंतरिक रुचियों को भी पल्लवित करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को ग्रामीण अंचलों में नामांकन वृद्धि के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।

बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला कलक्टर ने "गुड टच और बैड टच" के प्रति जागरूकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विशेषकर बालिकाओं को अपनी निजी सीमाओं और संभावित खतरों के प्रति सजग करना अनिवार्य है। बच्चों में आत्मविश्वास और सशक्तिकरण का भाव विकसित करने का आह्वान करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सही और गलत स्पर्श की पहचान ही बाल अपराधों की रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है। जिला कलक्टर का यह दौरा न केवल प्रशासनिक कसावट बल्कि छात्र सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित कर गया।

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Umesh Lawania, Bharatpur

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उमेश लावणिया भरतपुर से हमारे प्रतिष्ठित संवाददाता हैं। स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों के सटीक और समयनिष्ठ कवरेज के लिए उन्हें जाना जाता है। प्रात:काल न्यूज़ के पाठकों तक वे हमेशा सत्यनिष्ठ और प्रभावशाली खबरें पहुँचाते हैं। उनके लेख और रिपोर्टिंग में गहराई, स्पष्टता और भरोसेमंद जानकारी का समावेश रहता है, जो उन्हें हमारे न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म का एक अहम स्तंभ बनाता है।

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