भरतपुर: भुसावर में नींबू के दाम 200 रुपये पहुंचे, फलों से भी महंगा हुआ भाव
भरतपुर के भुसावर में नींबू ने लगाई डबल सेंचुरी, गर्मी और मांग बढ़ने से अनार और अंगूर के मुकाबले बढ़ी कीमतें, होटलों और घरों से जायका गायब।

भुसावर (भरतपुर)। राजस्थान के भरतपुर जिले के ऐतिहासिक कस्बे भुसावर सहित संपूर्ण उपखंड क्षेत्र में बढ़ती गर्मी और त्यौहारी सीजन के बीच नींबू के तीखे तेवरों ने आमजन का पसीना छुड़ा दिया है। वर्तमान में नींबू के दाम आसमान छूते हुए 'डबल सेंचुरी' लगा चुके हैं, जिसके चलते अब यह लोगों का रस निचोड़ता नजर आ रहा है। पिछले मात्र एक पखवाड़े के भीतर नींबू की कीमतों में तीन गुना तक का भारी उछाल दर्ज किया गया है। स्थिति यह है कि पौष्टिकता और स्वाद के लिए जाना जाने वाला नींबू अब बाजार में अनार, अंगूर और नारंगी जैसे फलों से भी अधिक महंगा बिक रहा है।
भुसावर कस्बे की पुरानी सब्जी मंडी, मुख्य बाजार और अस्पताल सड़क मार्ग सहित विभिन्न खुदरा केंद्रों पर नींबू के भाव 200 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। स्थानीय फल विक्रेता कैलाश अग्रवाल, रामसिंह सैनी और बाबू सैनी सहित अन्य दुकानदारों ने बताया कि वर्तमान में बाजार में अंगूर 120 रुपए, अनार 160 रुपए और संतरा 100 रुपए प्रति किलो की दर से उपलब्ध हैं, जबकि नींबू इन सभी को पछाड़कर 200 रुपए के स्तर पर है। मांग में अत्यधिक वृद्धि और स्थानीय आवक की कमी के कारण वर्तमान में बाहर से नींबू मंगवाया जा रहा है, जिससे कीमतों में यह अभूतपूर्व तेजी आई है।
नींबू की इन बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम आदमी की थाली और स्थानीय व्यापार पर दिखाई दे रहा है। घरों के साथ-साथ अब होटल और ढाबों की सलाद से भी नींबू का जायका पूरी तरह गायब हो गया है। इसके अतिरिक्त, गन्ने के रस, शिकंजी के ठेलों और सब्जियों में भी नींबू का उपयोग नाममात्र का रह गया है। उल्लेखनीय है कि भरतपुर जिला नींबू की बागवानी के मामले में सिरमौर माना जाता है, जहां लगभग 1600 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी खेती होती है। विशेषकर वैर और भुसावर क्षेत्र के नयावास, दीवली, सिरस, रणधीरगढ़, भौपर, छोकरवाड़ा, भिजवायी, सैंधली, भगवानपुर, बौराज और नाथू का नंगला जैसे क्षेत्रों में बड़े स्तर पर नींबू के बाग हैं, इसके बावजूद स्थानीय बाजार में बढ़ती कीमतें चिंता का विषय बनी हुई हैं।

Mohan Joshi, Bharatpur
नाम: मोहन लाल जोशी
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: भरतपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): तहसील रिपोर्टिंग, क्राइम (अपराध), एग्रीकल्चर फार्मिंग (कृषि), प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याएं
परिचय एवं अनुभव
मोहन लाल जोशी को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में एक लंबा और विविध अनुभव है। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:
- राजस्थान पत्रिका: इन्होंने 10 वर्षों तक राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी हैं, जहाँ मुख्य रूप से क्राइम, एग्रीकल्चर फार्मिंग और जन समस्याओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत कवरेज की।
- ईटीवी राजस्थान (जयपुर): 14 साल पहले इन्होंने ईटीवी राजस्थान, जयपुर के साथ काम किया।
- शेर-ए-हिंदुस्तान: इस मीडिया संस्थान के साथ भी काम करने का अनुभव।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
मोहन लाल जोशी शैक्षणिक और तकनीकी रूप से पत्रकारिता में उच्च योग्यता रखते हैं:
- स्नातक (Graduation)
- बीजेएमसी (BJMC): बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
- पीएचडी (Ph.D.): पत्रकारिता (Journalism) में उनकी पीएचडी वर्तमान में जारी है।
