भुसावर उपखंड के गांव बौराज में दूर्वाक चेरिटेबल ट्रस्ट के बैनर तले विकास समिति द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा वाचक पंडित मुकुट बिहारी शास्त्री ने ध्रुव चरित्र, जड़भरत कथा, अजामिल उपाख्यान और प्रहलाद चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु गदगद हो उठे और पूरा पांडाल भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो गया।

शनिवार को श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन करते हुए पंडित मुकुट बिहारी शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण में बार-बार भगवान श्रीकृष्ण के ईश्वरीय और अलौकिक स्वरूप का वर्णन किया गया है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मन के विकारों को दूर कर समाज को स्वस्थ और संस्कारित बनाता है। शास्त्री ने कहा कि संसार में माता का प्रेम सर्वोपरि है और प्रेम ही जीवन का वास्तविक आधार है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार मैले कपड़ों पर लगे दाग साबुन से साफ हो जाते हैं, उसी प्रकार मन पर लगे काम, क्रोध, मद, लोभ, मोह और ईर्ष्या रूपी विकार प्रेम रूपी साबुन से पवित्र होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि जीवन का कल्याण करना है तो प्रेम को साकार करना आवश्यक है। संसार में कोई किसी को सुखी या दुखी नहीं कर सकता, बल्कि माया के वशीभूत मन के भावों से ही मनुष्य सुख-दुख की अनुभूति करता है।

कथा के दौरान श्रद्धालुओं में गहरी आस्था दिखाई दी। इस अवसर पर राम रतन मीणा, प्यारे लाल, हरिओम मीणा, धर्मेंद्र, कल्पना, गीता, मीरा, विमला, अपनाघर सेवा समिति की संरक्षक सीमा लवली सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों ने कथा वाचक पंडित मुकुट बिहारी शास्त्री एवं अन्य गणमान्य नागरिकों का साफा पहनाकर स्वागत किया। आयोजन के दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण बना रहा।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story