बयाना। कस्बे के ऐतिहासिक उषा मंदिर परिसर से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा लगाया गया महत्वपूर्ण सूचना पट्ट अचानक गायब होने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। इस संवेदनशील घटना के बाद जहां पुरातत्व विभाग ने अज्ञात असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है, वहीं गुर्जर समाज ने इसे ऐतिहासिक विरासत के साथ सोची-समझी छेड़छाड़ करार देते हुए गहरा रोष व्यक्त किया है। समाज ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

घटनाक्रम के अनुसार, ऐतिहासिक पहचान के प्रमुख केंद्र उषा मंदिर परिसर में एएसआई की ओर से एक आधिकारिक सूचना पट्ट स्थापित किया गया था। इस बोर्ड पर मंदिर का गौरवशाली इतिहास, उसकी प्राचीनता और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारियां अंकित थीं। पुरातत्व विभाग के एमटीएस कुंजीलाल शर्मा ने पुलिस थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि अज्ञात असामाजिक तत्वों ने दीवार पर लगे इस ऐतिहासिक सूचना पट्ट को उखाड़ दिया और उसे वहां से गायब कर दिया। बयाना का यह पौराणिक मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए विशेष आस्था और आकर्षण का केंद्र है, लिहाजा यहां से एएसआई का बोर्ड गायब होने के बाद इतिहास प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों में भी भारी नाराजगी देखी जा रही है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और घटना के संबंध में आसपास के लोगों से गहन पूछताछ शुरू कर दी है।

इस कृत्य के विरोध में अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा के बैनर तले समाज के प्रबुद्धजनों और युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित समाज के प्रतिनिधियों ने उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को एक ज्ञापन सौंपकर दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी, सख्त कानूनी कार्रवाई और मंदिर परिसर में पुनः नया सूचना पट्ट स्थापित करने की पुरजोर मांग की है। समाज के प्रतिनिधियों ने सीधा आरोप लगाया कि गुर्जर प्रतिहार वंश से जुड़े इस ऐतिहासिक स्थल की वास्तविक पहचान को मिटाने और क्षेत्र का शांतिपूर्ण माहौल खराब करने की बदनीयती से ही इस वारदात को अंजाम दिया गया है। ज्ञापन सौंपने और विरोध प्रदर्शन के दौरान सूर्यवंशी पुष्कर कसाना, चंद्रभान अधाना, सोहन सिंह गुर्जर सहित समाज के कई गणमान्य लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इस घटना ने एक बार फिर ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story