बयाना। आठ साल पुराने जमीनी विवाद का मामला शनिवार को न्यायालय में निर्णायक मोड़ पर पहुंचा, जब बयाना के अपर जिला एवं सेशन न्यायालय क्रम संख्या 2 ने दो सगे भाइयों को जानलेवा हमले के आरोप में दोषी करार देते हुए 7-7 साल के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। हालांकि हत्या के आरोप में उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।

मामला उच्चैन थाना क्षेत्र के गांव पिचूना का है। 12 मार्च 2017 को घायल थानसिंह ने पुलिस में पर्चा बयान दर्ज कराते हुए बताया कि रात लगभग 8 बजे आरोपी विष्णु और महेश उर्फ भूपेंद्र सहित उनके परिवार के अन्य सदस्य लाठी, सरिया और कुल्हाड़ी लेकर उनके घर में घुस आए। इस हमले में थानसिंह, बनय सिंह और मुनेश गंभीर रूप से घायल हो गए थे। गंभीर चोटों के कारण थानसिंह बाद में उपचार के दौरान जीवन की जंग हार गए।

पुलिस ने गहन जांच के बाद आरोपी भाइयों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। अभियोजन पक्ष ने मामले की सुनवाई के दौरान कुल 27 गवाहों और 37 दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध सबूतों की समीक्षा के बाद न्यायालय ने जानलेवा हमला प्रमाणित कर, विष्णु (26) और महेश उर्फ भूपेंद्र (23) को यह सजा सुनाई।

अपर लोक अभियोजक ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि इस निर्णय से न केवल न्याय की स्थापना हुई है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन विवाद के चलते होने वाले हिंसक घटनाओं पर भी एक सशक्त संदेश गया है। न्यायालय की यह कार्रवाई पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।

Pratahkal Bureau

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