बयाना: नववर्ष की पहली फुहारों ने बढ़ाई ठिठुरन, कड़ाके की सर्दी और कीचड़ से थमा जनजीवन का पहिया
बयाना में नववर्ष 2026 की शुरुआत बारिश और कड़ाके की ठंड के साथ हुई। गुरुवार को हुई हल्की बारिश से तापमान 16 डिग्री तक गिरा, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और सड़कों पर कीचड़ से आवागमन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में घने कोहरे और भीषण सर्दी की चेतावनी जारी की है।

बयाना। नववर्ष 2026 का आगमन बयाना क्षेत्र के बाशिंदों के लिए खुशियों के साथ-साथ कड़ाके की ठंड की चुनौती लेकर आया है। गुरुवार की अलसुबह से ही आसमान में छाये बादलों ने अपना डेरा डाल लिया और देखते ही देखते हल्की बारिश का दौर शुरू हो गया। इस बेमौसम बरसात ने न केवल फिजाओं में गलन बढ़ा दी है, बल्कि पूरे क्षेत्र को जबरदस्त ठंड की आगोश में ले लिया है। सूरज के दर्शन न होने और सर्द हवाओं के चलने से अधिकतम तापमान गिरकर करीब 16 डिग्री सेल्सियस तक सिमट गया, जिससे लोग दिनभर घरों में दुबकने को मजबूर रहे।
मौसम विभाग की भविष्यवाणियों ने आमजन की चिंता और बढ़ा दी है। विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में न केवल पारे में और गिरावट दर्ज की जाएगी, बल्कि घना कोहरा छाए रहने की भी प्रबल संभावना है। बारिश के कारण हुई नमी और आगामी शीत लहर के चलते रात के तापमान में भारी गिरावट आने के संकेत मिल रहे हैं, जो आने वाले समय में सर्दी के तीखे तेवरों की तस्दीक कर रहे हैं।
इस मौसम का सर्वाधिक प्रतिकूल प्रभाव बयाना के व्यापारिक जनजीवन पर पड़ा है। नववर्ष के पहले ही दिन यानी एक जनवरी को जो बाजार ग्राहकों की भीड़ से गुलजार होने चाहिए थे, वहां दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। कड़ाके की ठंड और रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण खरीदार घरों से बाहर नहीं निकले, जिससे दुकानदारों के चेहरों पर मायूसी छाई रही। रही-सही कसर सड़कों पर फैले कीचड़ ने पूरी कर दी। हल्की बूंदाबांदी ने पूरे बाजार क्षेत्र के रास्तों को कीचड़युक्त और फिसलन भरा बना दिया है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
प्रकृति के इस बदले मिजाज ने केवल इंसानों को ही नहीं, बल्कि बेजुबान पशु-पक्षियों और मवेशियों को भी संकट में डाल दिया है। कड़ाके की ठंड और वातावरण में बढ़ी नमी के कारण पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पशु चिकित्सक और जानकार पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतने और मवेशियों को ठंड से बचाने के लिए उचित प्रबंध करने की सलाह दे रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर, मौसम का यह उतार-चढ़ाव आमजन की सेहत पर भारी पड़ रहा है। स्थानीय अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा देखा गया है। चिकित्सकों के मुताबिक, अचानक बढ़ी इस ठंड के कारण लोगों में सर्दी, जुकाम और खांसी जैसी सांस संबंधी समस्याएं तेजी से पनप रही हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों ने क्षेत्रवासियों को हिदायत दी है कि वे बिना वजह बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और खान-पान में सावधानी बरतें ताकि मौसमी बीमारियों की चपेट में आने से बचा जा सके। कुल मिलाकर, नववर्ष का यह पहला दिन बयाना के लिए ठिठुरन और दुश्वारियों का पैगाम लेकर आया है, जिसका असर आने वाले कई दिनों तक बने रहने की संभावना है।

Devisingh Prajapat, Bharatpur
नाम: देवीसिंह प्रजापत
कार्यक्षेत्र: बयाना उपखंड / उप जिला बयाना (राजस्थान)
अनुभव: 15 वर्ष
बीट (मुख्य विषय): सर्वपक्षीय समाचार (सभी तरह की खबरें और ग्राउंड रिपोर्टिंग)
परिचय
देवीसिंह प्रजापत राजस्थान के बयाना उपखंड क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी, निष्पक्ष और सक्रिय पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से उप जिला बयाना और संपूर्ण बयाना उपखंड की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रखते हैं। स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं, विकास कार्यों से लेकर क्षेत्र की हर प्रमुख हलचल और सभी तरह की खबरों को प्रमुखता व प्रामाणिकता के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का व्यापक अनुभव (Work Experience)
देवीसिंह प्रजापत जी को मीडिया जगत का एक लंबा और समृद्ध अनुभव है। वह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। इस डेढ़ दशक के सफर में उन्होंने मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स (प्रिंट, डिजिटल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) पर काम किया है, जिससे उन्हें ग्राउंड रिपोर्टिंग और क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है।
शैक्षणिक योग्यता
देवीसिंह प्रजापत जी शैक्षणिक रूप से बेहद सुदृढ़ हैं। उन्होंने विज्ञान स्नातक (B.Sc.) के साथ-साथ बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (B.E.) की डिग्री हासिल की है। उनकी यह तकनीकी और तार्किक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों के विश्लेषण, तथ्यों की जांच और समसामयिक मुद्दों को एक वैज्ञानिक व सटीक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।
