बयाना में आंधी-बारिश से बिजली गुल, मंदिर की छत पर गिरा प्राचीन पेड़
राजस्थान के बयाना में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी के कारण भारी नुकसान हुआ है, मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अलर्ट जारी किया है।

भरतपुर के बयाना क्षेत्र में गुरुवार शाम आई तेज आंधी और बारिश के दौरान बामडा हनुमान मंदिर के टीनशेड वाली छत पर गिरा हुआ विशालकाय प्राचीन पीपल का पेड़।
दिनभर की तेज गर्मी और उमस के बाद गुरुवार देर शाम बयाना क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ले ली, जिससे क्षेत्रवासियों को भीषण गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। शाम करीब 7 बजे के बाद अचानक 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज आंधी के साथ हल्की बारिश का दौर शुरू हुआ। इस प्राकृतिक बदलाव के कारण बयाना शहर के साथ-साथ ब्रह्मबाद, सिघाड़ा, सीदपुर, सूपा, पूरा बाइखेड़ा, नगला सिघाड़ा, थाना डाग, कलसाड़ा, एत्मादपुर और खरेरी सहित आसपास के तमाम ग्रामीण क्षेत्रों में भी झमाझम बारिश दर्ज की गई।
तेज आंधी के चलते एहतियातन पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी गई। अंधड़ का प्रकोप इतना भीषण था कि बड़ी संख्या में पेड़ उखड़कर धराशायी हो गए, जिससे कई स्थानों पर मुख्य सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गए। वहीं कई जगह बिजली के पोल भी क्षतिग्रस्त होकर गिर गए, जिससे विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। इसी दौरान एक बेहद हैरान करने वाला वाकया सामने आया, जब बामडा हनुमान मन्दिर की छत पर ठीक सामने लगा हुआ हजारों वर्षों पुराना प्राचीन पीपल का पेड़ धड़ाम से गिर पड़ा। पेड़ गिरने की गड़गड़ाहट से मन्दिर परिसर में रह रहे पुजारी के परिवार में हड़कंप और खलबली मच गई। जब परिजनों ने तुरन्त बाहर निकल कर देखा तो धूल के गुबार के कारण कुछ भी दिखाई नहीं दिया, क्योंकि पेड़ का विशालकाय हिस्सा पूरा की पूरा छत पर जा चुका था। इधर-उधर देखने के बाद जब उन्होंने ऊपर नजर दौड़ाई, तो उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं।
सैकड़ों टन वजनी यह विशालकाय प्राचीन पेड़ सीधे मन्दिर की छत पर गिरा हुआ था, परन्तु चमत्कारिक रूप से हनुमान जी की असीम कृपा से मन्दिर की मजबूत छत में एक खरोंच तक नहीं आई। दृश्य ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो किसी ने इतने भारी-भरकम पेड़ को बेहद सहजता से उठाकर छत पर रख दिया हो। इस घटना को जिसने भी देखा, वह आश्चर्यचकित रह गया और सभी के मुंह से यही निकला कि यह सब हनुमान जी की असीम कृपा और साक्षात चमत्कार है।
इस प्राकृतिक बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से तात्कालिक राहत जरूर मिली है, लेकिन व्यापक स्तर पर हुई बिजली कटौती और रास्तों में आए अवरोधों के कारण स्थानीय नागरिकों को भारी दिक्कतों और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच मौसम विभाग ने सतर्कता बरतते हुए प्रदेश में 7 जून तक आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में आगामी दिनों में भी मौसमी गतिविधियां लगातार जारी रहने की संभावना है। विभाग ने शुक्रवार के लिए राज्य के 14 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट तथा 8 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही प्रशासन और मौसम विभाग ने आमजन से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्राओं से बचने की विशेष अपील की है।

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