बयाना क्षेत्र में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने भारी तबाही मचा दी। बीती रात करीब 20 मिनट तक चली तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। गेहूं की खड़ी और कटी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

जनजीवन अस्त-व्यस्त और नुकसान का मंजर

तेज हवाओं के चलते कई पेड़ उखड़ गए और मकानों के टीनशेड उड़ गए। खेतों में रखा पशु चारा भी हवा में उड़कर बिखर गया। वहीं, बयाना उपखंड के ब्रह्मबाद, सीदपुर और सिघाड़ा सहित कई गांवों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। तेज अंधड़ के कारण बिजली के पोल टूट गए और 11 केवी लाइन के कई खंभे गिरने से रातभर आपूर्ति बाधित रही।

सड़कों पर जाम और मुआवजे की मांग

सड़कों और हाइवे पर पेड़ और पोल गिरने से कई जगह जाम की स्थिति भी बन गई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। ग्रामीण इलाकों में इसका असर ज्यादा देखने को मिला। इस घटना को लेकर किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव सुरेंद्र कसाना ने सरकार से प्रभावित किसानों और जिनके घरों को नुकसान हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा देने की मांग की है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story