पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से बयाना में ईंधन संकट, पंपों पर लगी लंबी कतारें
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच एक सप्ताह में दूसरी बार बढ़े दाम, बयाना के पेट्रोल पंपों पर सीमित मात्रा में की जा रही है तेल की आपूर्ति।

बयाना के एक पेट्रोल पंप पर मंगलवार को ईंधन की सीमित आपूर्ति और राशनिंग के बीच अपनी बारी के लिए दोपहिया वाहनों के साथ कतारों में इंतजार करते स्थानीय नागरिक।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जारी भारी उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब सीधे भारतीय बाजार और आम जनता की जेब पर दिखाई देने लगा है। देश की सरकारी तेल कंपनियों द्वारा मंगलवार सुबह पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी किए जाने के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई है। खास बात यह है कि बीते शुक्रवार को ही तेल कंपनियों ने लगभग 3 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की थी। ऐसे में एक ही सप्ताह के भीतर ईंधन की कीमतों में दूसरी बार हुई वृद्धि ने आम आदमी की आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।
बयाना सहित आसपास के क्षेत्रों में पेट्रोल और डीजल की नई दरों ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। वर्तमान में बयाना में पेट्रोल 108.80 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल 94.02 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण आमजन, व्यापारी, किसान और नौकरीपेशा लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि ईंधन महंगा होने का सीधा असर परिवहन व्यवस्था पर पड़ता है और जब ट्रांसपोर्ट भाड़ा बढ़ता है तो घरेलू उपयोग की वस्तुओं सहित बाजार में बिकने वाले लगभग हर सामान की कीमतें बढ़ना तय हो जाती हैं।
बयाना व्यापार संघ से जुड़े व्यापारी हेमंत मंगल ने बताया कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि से रेडीमेड कपड़े, साड़ी, कपड़ा व्यापार, इलेक्ट्रॉनिक आइटम और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में जल्द ही बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा और मध्यम वर्ग तथा गरीब वर्ग के लिए घरेलू बजट संभालना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले ही महंगाई की मार झेल रही जनता के सामने अब ईंधन संकट और महंगी परिवहन व्यवस्था नई परेशानी बनकर खड़ी हो गई है। व्यापारियों को माल ढुलाई में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है, जिससे बाजार में वस्तुओं की लागत बढ़ रही है। आने वाले दिनों में फल, सब्जियां, खाद्यान्न, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों सहित अन्य सामान भी महंगे होने की संभावना जताई जा रही है।
इधर, बयाना में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर भी लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकतर पेट्रोल पंप संचालकों ने सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल देना शुरू कर दिया है। कई पेट्रोल पंपों पर दोपहिया वाहनों में केवल 100 रुपये का पेट्रोल डाला जा रहा है, जबकि चारपहिया वाहनों को एक हजार रुपये तक ही डीजल या पेट्रोल दिया जा रहा है। बयाना सर्राफा संघ से जुड़े सदस्य दिनेश सोनी और जितेन्द्र सोनी ने बताया कि पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई लोग मजबूरी में बयाना से जयपुर, धौलपुर, भरतपुर, मथुरा, रूपवास और आगरा तक यात्रा कर रहे हैं, लेकिन वहां भी उन्हें कई बार अलग-अलग पेट्रोल पंपों पर लाइन में लगकर सीमित मात्रा में ही ईंधन मिल पा रहा है। इससे आम लोगों को भारी मानसिक और आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
उन्होंने बताया कि रोजाना नौकरी या व्यवसाय के सिलसिले में लंबी दूरी तय करने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। करीब 100 किलोमीटर तक प्रतिदिन सफर कर ड्यूटी करने वाले कर्मचारी अब अपने निजी वाहनों का उपयोग कम करने को मजबूर हो गए हैं। कई लोग समय पर ईंधन नहीं मिलने के कारण बस और ट्रेन से सफर कर रहे हैं, जिससे उनका अतिरिक्त समय खराब हो रहा है और कई बार वे समय पर अपने कार्यस्थल तक भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही स्थिति सामान्य नहीं हुई तो इसका असर व्यापार, परिवहन और आम जीवन पर और अधिक गंभीर रूप में देखने को मिल सकता है। लोगों ने सरकार और तेल कंपनियों से ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण तथा पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

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