बयाना के नगला भगोरी में आदर्श रामलीला का मंचन, सीता हरण प्रसंग का भावपूर्ण प्रदर्शन
बयाना के नगला भगोरी गांव में चल रही रामलीला के दौरान सीता हरण के दृश्य ने दर्शकों को भाव-विभोर किया, कलाकारों के अभिनय की सराहना की गई।

बयाना के नगला भगोरी में आयोजित रामलीला के दौरान मंच पर मौजूद कलाकार (बाएं से दाएं) सीता, राम, लक्ष्मण और हनुमान का रूप धरे हुए।
बयाना। राजकीय महाविद्यालय के पीछे स्थित गांव नगला भगोरी में 22 मई से चल रही आदर्श रामलीला मंडल की रामलीला में मंगलवार रात "सीता हरण" प्रसंग के भावपूर्ण मंचन ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। कलाकारों के जीवंत अभिनय ने ऐसा समां बांधा कि सीता के विलाप का मार्मिक दृश्य देख बड़ी संख्या में उपस्थित दर्शकों की आंखें नम हो गईं।
रामलीला के दौरान पंचवटी कुटिया में भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता को विश्राम करते हुए दिखाया गया। इसी बीच मारीच द्वारा सोने के मृग का रूप धारण कर वहां पहुंचने और माता सीता की उसे पाने की इच्छा व्यक्त करने के उपरांत भगवान राम द्वारा मृग का पीछा करने के घटनाक्रम को मंच पर उतारा गया। राम के बाण लगते ही मारीच के अपने असली रूप में आकर "लक्ष्मण-लक्ष्मण" पुकारने की आवाज सुनकर, चिंतित सीता द्वारा लक्ष्मण को राम की सहायता के लिए भेजने का प्रसंग बेहद प्रभावी रहा। सीता को अकेला पाकर साधु वेशधारी रावण द्वारा छलपूर्वक माता सीता का हरण करने के दृश्यों ने मंचन में सजीवता ला दी, जिसमें सीता का करुण विलाप और रावण के संवाद दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे।
इस अवसर पर भगवान राम दरबार की एक आकर्षक झांकी भी सजाई गई, जिसके दर्शन कर ग्रामीणों ने श्रद्धापूर्वक भेंट अर्पित की। गांव में आयोजित इस रामलीला को लेकर महिलाओं और बच्चों में विशेष उत्साह देखा गया। रामलीला संचालक जलसिंह ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिक मोबाइल संस्कृति और एंड्रॉयड फोन के बढ़ते चलन के कारण रामलीला, रासलीला और नौटंकी जैसी पारंपरिक लोक कलाएं आज संकट के दौर से गुजर रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले टेलीविजन के आने से दर्शकों का रुझान कम हुआ था, लेकिन अब घर बैठे मनोरंजन की सुलभता ने लोक कलाकारों के समक्ष रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।
मंचन में कान्हा ने भगवान राम, राहुल ने लक्ष्मण, सुभाष ने सीता, लेखराम ने हनुमान तथा ओमप्रकाश ने रावण की भूमिका निभाई। विशेष रूप से रावण की भूमिका में ओमप्रकाश के दमदार अभिनय की दर्शकों ने जमकर सराहना की। यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है।

Devisingh Prajapat, Bharatpur
नाम: देवीसिंह प्रजापत
कार्यक्षेत्र: बयाना उपखंड / उप जिला बयाना (राजस्थान)
अनुभव: 15 वर्ष
बीट (मुख्य विषय): सर्वपक्षीय समाचार (सभी तरह की खबरें और ग्राउंड रिपोर्टिंग)
परिचय
देवीसिंह प्रजापत राजस्थान के बयाना उपखंड क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी, निष्पक्ष और सक्रिय पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से उप जिला बयाना और संपूर्ण बयाना उपखंड की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रखते हैं। स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं, विकास कार्यों से लेकर क्षेत्र की हर प्रमुख हलचल और सभी तरह की खबरों को प्रमुखता व प्रामाणिकता के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का व्यापक अनुभव (Work Experience)
देवीसिंह प्रजापत जी को मीडिया जगत का एक लंबा और समृद्ध अनुभव है। वह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। इस डेढ़ दशक के सफर में उन्होंने मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स (प्रिंट, डिजिटल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) पर काम किया है, जिससे उन्हें ग्राउंड रिपोर्टिंग और क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है।
शैक्षणिक योग्यता
देवीसिंह प्रजापत जी शैक्षणिक रूप से बेहद सुदृढ़ हैं। उन्होंने विज्ञान स्नातक (B.Sc.) के साथ-साथ बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (B.E.) की डिग्री हासिल की है। उनकी यह तकनीकी और तार्किक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों के विश्लेषण, तथ्यों की जांच और समसामयिक मुद्दों को एक वैज्ञानिक व सटीक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।
