बयाना। राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना उपखंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव ब्रह्मवाद में इन दिनों बंदरों के बढ़ते आतंक ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। स्थिति इस कदर भयावह हो चुकी है कि बंदरों के आक्रामक व्यवहार के कारण गांव में खूनी संघर्ष जैसे हालात पैदा हो गए हैं। पिछले महज दो दिनों के भीतर इन हमलावर बंदरों ने करीब दो दर्जन ग्रामीणों को काटकर लहूलुहान कर दिया है, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में भारी दहशत और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है।

गांव की गलियों में अब सन्नाटा पसरा रहता है, क्योंकि ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकलने में भी मृत्यु तुल्य भय महसूस कर रहे हैं। बंदरों के इस अनियंत्रित हमले का सबसे ज्यादा शिकार महिलाएं, मासूम बच्चे और बुजुर्ग हो रहे हैं, जो अपनी रक्षा करने में असमर्थ हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बंदरों का झुंड अचानक हमला करता है और लोगों को गंभीर रूप से घायल कर भाग जाता है। इस संकट के कारण बच्चों की पढ़ाई और दैनिक कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो चुका है।

क्षेत्रीय निवासियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस गंभीर समस्या और लगातार हो रही घटनाओं के बारे में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और वन विभाग को कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया गया है। इसके बावजूद, प्रशासन की उदासीनता और मूकदर्शक बने रहने के रवैये ने ग्रामीणों की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। आज तक बंदरों को पकड़ने या इस समस्या के निस्तारण के लिए धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

ग्रामीणों ने अब प्रशासन से दो टूक शब्दों में मांग की है कि वन विभाग की विशेषज्ञ टीम को तत्काल मौके पर भेजा जाए और पिंजरे लगाकर इन आक्रामक बंदरों को पकड़ा जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो आने वाले दिनों में कोई बड़ी अनहोनी या जानलेवा हादसा घटित हो सकता है। फिलहाल, ब्रह्मवाद गांव के लोग प्रशासनिक मदद की आस में अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं।

Pratahkal Bureau

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