बयाना उपखंड में बंदरों का आतंक, हमलों से ग्रामीणों और बच्चों में दहशत
भरतपुर के बयाना और आसपास के गांवों में बंदरों के हमलों से जनजीवन प्रभावित है, घायल अस्पताल पहुंच रहे हैं और फसलों को भारी नुकसान हो रहा है।

भरतपुर के बयाना उपखंड के गांवों में बंदरों के बढ़ते हमलों के बाद स्थानीय निवासियों में व्याप्त भय और प्रशासनिक अनदेखी की स्थिति।
बयाना उप खंड सहित कई ग्रामीण इलाकों में बंदरों का आतंक एक गंभीर समस्या बन गया है। बयाना सहित गांवों में बच्चों-बुजुर्गों पर हमले कर रहे हैं जिससे बयाना उपखंड में बंदरो को लेकर भय व्याप्त नजर आ रहा है।
नुकसान और दहशत का माहौल
- बंदर घरों में घुसकर फ्रीज खोलकर सामान तोड़ने से बाज नहीं आ रहे हैं।
- ये बंदर फसलों को नष्ट कर रहे हैं।
- बयाना सहित ब्रह्मबाद, सिंघाड़ा, बांध बरेठा और महमदपुरा जैसे गाँवों में बंदरों के खौफ से जनजीवन अस्त-व्यस्त है।
बंदरों के इसी खौफ के कारण ग्रामीणों ने दहशत में घर से बाहर निकलना कम कर दिया है।
अस्पताल पहुँच रहे घायल और प्रशासन की अनदेखी
"आए दिन किसी न किसी पर बंदरों का आक्रमण होने से बयाना उपजिला अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा है।"
जुम्वेदार विभाग इन घटनाओं से अनजान बना हुआ बैठा हुआ है।

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