बयाना उपखंड में बंदरों का आतंक, हमलों से ग्रामीणों और बच्चों में दहशत
भरतपुर के बयाना और आसपास के गांवों में बंदरों के हमलों से जनजीवन प्रभावित है, घायल अस्पताल पहुंच रहे हैं और फसलों को भारी नुकसान हो रहा है।

भरतपुर के बयाना उपखंड के गांवों में बंदरों के बढ़ते हमलों के बाद स्थानीय निवासियों में व्याप्त भय और प्रशासनिक अनदेखी की स्थिति।
बयाना उप खंड सहित कई ग्रामीण इलाकों में बंदरों का आतंक एक गंभीर समस्या बन गया है। बयाना सहित गांवों में बच्चों-बुजुर्गों पर हमले कर रहे हैं जिससे बयाना उपखंड में बंदरो को लेकर भय व्याप्त नजर आ रहा है।
नुकसान और दहशत का माहौल
- बंदर घरों में घुसकर फ्रीज खोलकर सामान तोड़ने से बाज नहीं आ रहे हैं।
- ये बंदर फसलों को नष्ट कर रहे हैं।
- बयाना सहित ब्रह्मबाद, सिंघाड़ा, बांध बरेठा और महमदपुरा जैसे गाँवों में बंदरों के खौफ से जनजीवन अस्त-व्यस्त है।
बंदरों के इसी खौफ के कारण ग्रामीणों ने दहशत में घर से बाहर निकलना कम कर दिया है।
अस्पताल पहुँच रहे घायल और प्रशासन की अनदेखी
"आए दिन किसी न किसी पर बंदरों का आक्रमण होने से बयाना उपजिला अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा है।"
जुम्वेदार विभाग इन घटनाओं से अनजान बना हुआ बैठा हुआ है।

Devisingh Prajapat, Bharatpur
नाम: देवीसिंह प्रजापत
कार्यक्षेत्र: बयाना उपखंड / उप जिला बयाना (राजस्थान)
अनुभव: 15 वर्ष
बीट (मुख्य विषय): सर्वपक्षीय समाचार (सभी तरह की खबरें और ग्राउंड रिपोर्टिंग)
परिचय
देवीसिंह प्रजापत राजस्थान के बयाना उपखंड क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी, निष्पक्ष और सक्रिय पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से उप जिला बयाना और संपूर्ण बयाना उपखंड की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रखते हैं। स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं, विकास कार्यों से लेकर क्षेत्र की हर प्रमुख हलचल और सभी तरह की खबरों को प्रमुखता व प्रामाणिकता के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का व्यापक अनुभव (Work Experience)
देवीसिंह प्रजापत जी को मीडिया जगत का एक लंबा और समृद्ध अनुभव है। वह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। इस डेढ़ दशक के सफर में उन्होंने मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स (प्रिंट, डिजिटल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) पर काम किया है, जिससे उन्हें ग्राउंड रिपोर्टिंग और क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है।
शैक्षणिक योग्यता
देवीसिंह प्रजापत जी शैक्षणिक रूप से बेहद सुदृढ़ हैं। उन्होंने विज्ञान स्नातक (B.Sc.) के साथ-साथ बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (B.E.) की डिग्री हासिल की है। उनकी यह तकनीकी और तार्किक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों के विश्लेषण, तथ्यों की जांच और समसामयिक मुद्दों को एक वैज्ञानिक व सटीक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।
