बयाना: कमल हौज नाले में गंदगी और अतिक्रमण से जल निकासी व्यवस्था ठप
बयाना के ऐतिहासिक कमल हौज नाले में कचरा जमा होने और अवैध निर्माण के कारण मानसून से पहले जलभराव का खतरा बढ़ गया है, जिससे स्थानीय व्यापार संघ में रोष है।

बयाना कस्बे के मुख्य कमल हौज नाले में जमा प्लास्टिक कचरा और गंदगी, जिसके कारण जल निकासी बाधित हो रही है और स्थानीय निवासियों में बीमारियों का डर बना हुआ है।
बयाना शहर के बीचों-बीच गुजरने वाला ऐतिहासिक कमल हौज नाला इन दिनों गंदगी, अतिक्रमण और बदहाल सफाई व्यवस्था की मार झेल रहा है। सैकड़ों वर्ष पुराने इस नाले में कचरा, प्लास्टिक की थैलियां, बोतलें और अन्य गंदगी जमा होने से पानी की निकासी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। हालात ऐसे हैं कि आसपास के व्यापारियों और स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है। नाले से उठ रही दुर्गंध के कारण क्षेत्र में बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
कमल हौज नाला पूरे बयाना कस्बे की जल निकासी का मुख्य स्रोत माना जाता है, लेकिन वर्तमान में इसकी स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण नाले में गंदगी का अंबार लग चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वच्छ भारत अभियान के दावों के बावजूद बयाना की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बरसात का मौसम नजदीक आने के बावजूद नगरपालिका की ओर से नाले की सफाई को लेकर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते नाले की सफाई नहीं कराई गई तो बारिश के दौरान शहर में गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। नाले में पानी की निकासी बाधित होने से आसपास की दुकानों और रिहायशी इलाकों पर खतरा मंडराने लगा है।
बयाना व्यापार संघ के अध्यक्ष जानकी प्रसाद सामरी ने बताया कि कमल हौज नाला काफी पुराना और महत्वपूर्ण नाला है, लेकिन कुछ लोगों द्वारा इस पर पक्की दुकानें, लैट्रिन और मकान बना दिए गए हैं, जिससे नाला काफी संकरा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगरपालिका की ओर से अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि राजस्थान सरकार प्रदेशभर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रही है।
उन्होंने कहा कि बयाना कस्बे में अतिक्रमण हटाओ अभियान प्रभावी ढंग से नहीं चलाया गया, जिसके चलते कई लोगों ने कमल हौज नाले पर कब्जा कर रखा है। व्यापार संघ ने मांग की है कि नाले पर हुए अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए और नगरपालिका द्वारा जल्द से जल्द व्यापक सफाई अभियान चलाया जाए, ताकि आगामी बरसात में शहर की जल निकासी व्यवस्था प्रभावित न हो।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। लोगों का कहना है कि ऐतिहासिक कमल हौज नाले की लगातार उपेक्षा अब शहर के लिए गंभीर संकट का रूप लेती जा रही है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
