बयाना उपखंड के गढ़ी बाजना क्षेत्र के ग्राम झिरका और बांगर्रा में बारिश के बाद मुख्य बाजार और संपर्क मार्ग पूरी तरह कीचड़ और जलभराव की चपेट में आ गए हैं। हालात ऐसे हैं कि स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीणों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। बच्चों को प्रतिदिन कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है, जिससे उनके कपड़े और किताबें खराब हो रही हैं। कई बार बच्चे और राहगीर फिसलकर गिर चुके हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।

ग्रामीणों के अनुसार गांव के मुख्य बाजार का रास्ता लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। बारिश के दौरान यह मार्ग दलदल में तब्दील हो जाता है। कीचड़ और जलभराव के कारण दोपहिया वाहन चालकों, किसानों और दुकानदारों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के मुख्य मार्ग का शीघ्र निर्माण कराया जाए तथा जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन और स्कूली बच्चों को राहत मिल सके। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

इस संबंध में ग्राम झिरका-बांगर्रा के युवा मंडल अध्यक्ष सागर पटेल, श्रीभान सिंह, नवो, भगवान सिंह वकील, धर्म बीर, धर्म सिंह, धनश्याम, हरिओम, कृष्णा ठेकेदार, सत्येंद्र सिंह, प्रहलाद सिंह, बंटी पहलवा, विष्णु मावई, धर्वेंद्र मावई, आकाश, योगेश शर्मा, ध्रुव कसाना, मानवेन्द्र सिंह, सौरभ तथा सुरेन्द सहित अनेक ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या केवल असुविधा का विषय नहीं, बल्कि बच्चों और आमजन की सुरक्षा से भी जुड़ी हुई है।

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