जंगल में हजारों पेड़ों की कटाई का गंभीर मामला

बयाना उपखंड की ग्राम पंचायत खनखेड़ा के गांव नया नगला स्थित भेड़ा फॉरेस्ट एरिया में बड़े पैमाने पर पेड़ों की अवैध कटाई का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले कई दिनों से लगातार जंगल क्षेत्र में पेड़ों की कटाई की जा रही थी, जिनकी संख्या हजारों में बताई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि काटे गए पेड़ों को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर खुलेआम बेचा गया, और इस पूरे मामले में वन विभाग की मिलीभगत रही है। मौके पर बड़ी संख्या में कटे हुए पेड़ पड़े मिले हैं, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है।

वन विभाग की कार्रवाई और रेंजर का बयान

  • रेंजर हरभान सिंह का कहना है कि पेड़ों की कटाई कुछ ग्रामीणों द्वारा की गई है, जिनके खिलाफ सदर थाना में नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है।
  • विभाग द्वारा की गई जांच में करीब 159 पेड़ों की कटाई की पुष्टि हुई है।
  • कुछ कटे हुए पेड़ों की लकड़ी को कैर नाके पर जब्त करवा दिया गया है।
  • इस लापरवाही के चलते दोषी बीट गार्ड और वनपाल को निलंबित कर दिया गया है।

प्रशासनिक मिलीभगत और मशीनों के उपयोग पर सवाल

हालांकि सवाल यह उठ रहा है कि इतने बड़े पहाड़ी और फॉरेस्ट एरिया में बिना विभागीय जानकारी के इतनी बड़ी संख्या में पेड़ कैसे काटे जा सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों की कटाई में जेसीबी, पेडों का काटने जैसी भारी मशीनों का इस्तेमाल किया गया, जो बिना उच्च अधिकारियों की जानकारी के संभव नहीं है।

संरक्षित पेड़ों की कटाई और अवैध कमाई के आरोप

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि "बिलायती बबूल की आड़ में खेजड़ी, छोकड़ा, पापड़ी और देशी बबूल जैसे संरक्षित पेड़ों को भी हजारों की संख्या में काटा गया, और उन्हें बेचकर करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई है।"

पुलिस जांच और आला अधिकारियों का दौरा

मामला बढ़ता देख एडिशनल एसपी हरिराम कुमावत मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि "क्षेत्र में बड़ी मात्रा में पेड़ों की कटाई हुई है, वनविभाग की ओर से सदर थाना पर मामला दर्ज कराया गया है पूरे मामले की पुलिस जांच जारी है।"

सरकारी अभियानों के बीच बड़ा घटनाक्रम

गौरतलब है कि एक ओर जहां राजस्थान सरकार “हरियालो राजस्थान” अभियान के तहत प्रदेशभर में पौधारोपण कर रही है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं। ऐसे में बयाना के नया नगला के भेड़ा फॉरेस्ट एरिया में इस तरह की बड़ी अवैध कटाई ने प्रशासन और सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाती है, तो इसमें बड़े-बड़े अधिकारी भी फंस सकते हैं। फिलहाल, यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।


प्रमुख वक्तव्य (वाईट):

  • दो स्थानीय निवासी
  • हरिराम कुमावत, एडिशनल एसपी
  • दिवान शेरगढ़, अध्यक्ष सरपंच संघ बयाना

रिपोर्ट - देवीसिंह प्रजापत बयाना (7877668534, 8005971868)

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