बयाना उपजिला अस्पताल में बेड की कमी, एक बेड पर दो-तीन मरीजों का इलाज
मौसम परिवर्तन से बढ़ी बीमारियों के बीच 100 बेड वाले अस्पताल में संसाधन कम पड़े, मरीजों को निजी केंद्रों पर जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।

बयाना उपजिला अस्पताल के जनरल वार्ड में भर्ती मरीज, जहां बेड की कमी के कारण एक ही बेड पर एक से अधिक मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
बयाना क्षेत्र में मौसम परिवर्तन के साथ ही मौसमी बीमारियों ने तेजी से पैर पसारने शुरू कर दिए हैं, जिससे स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति गंभीर हो गई है। अचानक बढ़ी मरीजों की संख्या ने व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी है।
100 बेड की क्षमता वाले बयाना उपजिला अस्पताल में हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि मरीजों के लिए बेड तक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। स्थिति यह है कि चिकित्सा कर्मियों को मजबूरी में एक ही बेड पर दो-दो और तीन-तीन मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है।
अस्पताल में बढ़ती भीड़ के कारण मरीजों को उचित देखभाल और समय पर उपचार मिलना कठिन होता जा रहा है। कई मरीजों और उनके परिजनों ने आरोप लगाया है कि पर्याप्त संसाधनों और स्टाफ की कमी के चलते उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अस्पताल प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन संसाधनों की कमी इस प्रयास में बाधा बन रही है।
क्षेत्र की जनता बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने से नाराज दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष मौसम बदलते ही ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
दूसरी ओर, सरकारी अस्पताल की इस अव्यवस्था का सीधा लाभ निजी चिकित्सालयों को मिल रहा है। निजी डॉक्टरों के यहां मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे उनकी आय में भी इजाफा देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल में अतिरिक्त बेड, दवाइयों और चिकित्सा स्टाफ की व्यवस्था तत्काल की जाए, ताकि मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके और इस गंभीर स्थिति से राहत प्राप्त हो सके। यह स्थिति क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।

Pratahkal Bureau
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