बयाना: बंशी पहाड़पुर की पहाड़ियों में बारूद के धमाके, मुख्यमंत्री के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे खनन माफिया और बेबस तंत्र
बयाना के बंशी पहाड़पुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के बावजूद अवैध खनन का काला खेल जारी है। बारूद के धमाकों से अरावली की पहाड़ियाँ छलनी हो रही हैं। रिपोर्टर देवीसिंह प्रजापत की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए कैसे रॉयल्टी ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत से प्रकृति का विनाश हो रहा है और राजस्व को चूना लगाया जा रहा है।

बयाना। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा अरावली की पर्वत शृंखलाओं को संरक्षित करने और अवैध खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के सख्त निर्देशों के बावजूद, बयाना विधानसभा क्षेत्र के बंशी पहाड़पुर में हालात इसके बिल्कुल उलट नजर आ रहे हैं। यहाँ की ऐतिहासिक और प्राकृतिक रूप से समृद्ध पहाड़ियों को खनन माफियाओं ने बारूद के धमाकों से छलनी कर दिया है। क्षेत्र से सामने आए विचलित करने वाले वीडियो में पहाड़ों पर एक के बाद एक होते धमाके और आसमान छूते धूल के गुब्बारे शासन और प्रशासन की कथित मुस्तैदी पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं। यह दृश्य किसी युद्ध क्षेत्र या फिल्मी स्टंट जैसा प्रतीत होता है, लेकिन हकीकत में यह प्रकृति के सीने पर किया जा रहा वह प्रहार है, जिसने विशाल पहाड़ियों को गहरे और जानलेवा गड्ढों में तब्दील कर दिया है।
स्थानीय निवासियों का दर्द और आक्रोश अब सड़कों पर है। ग्रामीणों के अनुसार, बंशी पहाड़पुर की बेशुमार प्राकृतिक संपदा को रॉयल्टी ठेकेदारों और प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मिलीभगत से खुलेआम लूटा जा रहा है। पहाड़ियों में खुदाई का स्तर इस कदर भयावह हो चुका है कि कई स्थानों पर पाताल तक पहुँचने के कारण पानी निकल आया है। माफियाओं ने पहाड़ों को काटकर बाजार में ऊँचे दामों पर बेच दिया, जिससे न केवल अरावली का स्वरूप बिगड़ा है, बल्कि सरकार को भी करोड़ों रुपये के राजस्व की चपत लगी है। चर्चा आम है कि इस अवैध कारोबार की जड़ें इतनी गहरी हैं कि कुछ जिम्मेदार अधिकारियों ने सरकारी वेतन से इतर अवैध कमाई के जरिए अकूत संपत्ति खड़ी कर ली है, जिसके बदले वे माफियाओं के इन कारनामों पर अपनी आँखें मूँदे बैठे हैं।
मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में सक्रियता दिखाने का प्रयास तो किया, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसे महज 'खानापूर्ति' करार दिया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में विभाग ने पत्थरों से भरी 5 से 6 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त कर अपनी पीठ थपथपाई है, जबकि वास्तविकता यह है कि अंधेरा होते ही बंशी पहाड़पुर से रुदावल के रास्ते बयाना रीको क्षेत्र की ओर पत्थरों से लदे ट्रकों और ट्रॉलियों का बेरोकटोक काफिला गुजरता है। यह अवैध परिवहन न केवल सरकारी आदेशों की अवहेलना है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के दावों को भी धता बताता है। अब स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने पुरजोर मांग की है कि केवल छोटे प्यादों पर कार्रवाई के बजाय उन बड़े रॉयल्टी ठेकेदारों और भ्रष्ट अधिकारियों पर शिकंजा कसा जाए, जो अरावली के इस विनाश के सूत्रधार हैं। यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो बंशी पहाड़पुर का अस्तित्व केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।

Devisingh Prajapat, Bharatpur
नाम: देवीसिंह प्रजापत
कार्यक्षेत्र: बयाना उपखंड / उप जिला बयाना (राजस्थान)
अनुभव: 15 वर्ष
बीट (मुख्य विषय): सर्वपक्षीय समाचार (सभी तरह की खबरें और ग्राउंड रिपोर्टिंग)
परिचय
देवीसिंह प्रजापत राजस्थान के बयाना उपखंड क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी, निष्पक्ष और सक्रिय पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से उप जिला बयाना और संपूर्ण बयाना उपखंड की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रखते हैं। स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं, विकास कार्यों से लेकर क्षेत्र की हर प्रमुख हलचल और सभी तरह की खबरों को प्रमुखता व प्रामाणिकता के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का व्यापक अनुभव (Work Experience)
देवीसिंह प्रजापत जी को मीडिया जगत का एक लंबा और समृद्ध अनुभव है। वह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। इस डेढ़ दशक के सफर में उन्होंने मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स (प्रिंट, डिजिटल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) पर काम किया है, जिससे उन्हें ग्राउंड रिपोर्टिंग और क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है।
शैक्षणिक योग्यता
देवीसिंह प्रजापत जी शैक्षणिक रूप से बेहद सुदृढ़ हैं। उन्होंने विज्ञान स्नातक (B.Sc.) के साथ-साथ बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (B.E.) की डिग्री हासिल की है। उनकी यह तकनीकी और तार्किक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों के विश्लेषण, तथ्यों की जांच और समसामयिक मुद्दों को एक वैज्ञानिक व सटीक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।
