सावन का महीना शुरू होते ही बयाना में प्रसिद्ध घेवर की बिक्री ने जोर पकड़ लिया है। बयाना के घेवर अपनी खास मिठास, स्वाद और बनाने की पारंपरिक कला के लिए पूरे जिले में प्रसिद्ध हैं। सावन से लेकर रक्षाबंधन और कृष्ण जन्माष्टमी तक बाजारों में घेवर की मांग बनी रहने की उम्मीद है।

स्थानीय कारीगर विशेष तरीके से घेवर तैयार कर रहे हैं। घेवर के ऊपर स्वादिष्ट खोवा लगाया जाता है और इसके बाद ड्रायफ्रूट से आकर्षक सजावट की जाती है। इससे घेवर स्वादिष्ट होने के साथ-साथ देखने में भी सुंदर नजर आता है।

सावन के महीने में त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के चलते घेवर की बिक्री लगातार बढ़ रही है। रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाइयों के लिए घेवर खरीदती हैं, वहीं कृष्ण जन्माष्टमी तक भी इसकी मांग बनी रहती है। मिठाई विक्रेताओं और कारीगरों को इस सीजन में अच्छी बिक्री की उम्मीद है।

बाजार में सजे अलग-अलग आकार और किस्म के घेवर ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। सावन के साथ शुरू हुई घेवर की बढ़ती मांग रक्षाबंधन से होते हुए कृष्ण जन्माष्टमी तक बनी रहने से मिठाई विक्रेताओं और कारीगरों को कारोबार में तेजी की उम्मीद है।

Devisingh Prajapat, Bharatpur

Devisingh Prajapat, Bharatpur

नाम: देवीसिंह प्रजापत

कार्यक्षेत्र: बयाना उपखंड / उप जिला बयाना (राजस्थान)

अनुभव: 15 वर्ष

बीट (मुख्य विषय): सर्वपक्षीय समाचार (सभी तरह की खबरें और ग्राउंड रिपोर्टिंग)

परिचय 

देवीसिंह प्रजापत राजस्थान के बयाना उपखंड क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी, निष्पक्ष और सक्रिय पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से उप जिला बयाना और संपूर्ण बयाना उपखंड की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रखते हैं। स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं, विकास कार्यों से लेकर क्षेत्र की हर प्रमुख हलचल और सभी तरह की खबरों को प्रमुखता व प्रामाणिकता के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का व्यापक अनुभव (Work Experience)

देवीसिंह प्रजापत जी को मीडिया जगत का एक लंबा और समृद्ध अनुभव है। वह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। इस डेढ़ दशक के सफर में उन्होंने मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स (प्रिंट, डिजिटल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) पर काम किया है, जिससे उन्हें ग्राउंड रिपोर्टिंग और क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है।

शैक्षणिक योग्यता

देवीसिंह प्रजापत जी शैक्षणिक रूप से बेहद सुदृढ़ हैं। उन्होंने विज्ञान स्नातक (B.Sc.) के साथ-साथ बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (B.E.) की डिग्री हासिल की है। उनकी यह तकनीकी और तार्किक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों के विश्लेषण, तथ्यों की जांच और समसामयिक मुद्दों को एक वैज्ञानिक व सटीक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।

Next Story