बयाना। कृषि क्षेत्र में बढ़ती लागत और रसायनों के अंधाधुंध प्रयोग के बीच अब पारंपरिक और पर्यावरण अनुकूल पद्धतियां किसानों के लिए मुनाफे का नया मार्ग प्रशस्त कर रही हैं। इसी कड़ी में उपखंड के थाना गढी बाजना अंतर्गत कोट ग्राम में प्राकृतिक खेती मिशन के तहत एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस शिविर में क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर अपनी खेती को अधिक लाभकारी बनाने का संकल्प लिया।

प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित कृषि विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण साझा करते हुए किसानों को जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र और अग्नियास्त्र जैसे विभिन्न जैविक व प्राकृतिक घटकों को तैयार करने तथा उनके सटीक उपयोग की बारीकियों से अवगत कराया। विशेषज्ञों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि इन प्राकृतिक उपायों को अपनाने से न केवल फसलों की उत्पादन लागत में भारी कमी आएगी, बल्कि भूमि की सेहत सुधरने से उपज की गुणवत्ता भी विश्वस्तरीय होगी। इसके साथ ही, कार्यक्रम में मौजूद कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों को राजस्थान सरकार एवं केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि कल्याणकारी योजनाओं, उनकी पात्रता और आवेदन की कड़ियों के बारे में विस्तार से मार्गदर्शित किया गया ताकि वे इनका अधिकतम लाभ उठा सकें।

इस ज्ञानवर्धक शिविर में शामिल हुए स्थानीय प्रगतिशील किसानों—जिनमें कल्ला शर्मा, मुरारीलाल शर्मा, जजबीर, बंटी, कल्याण, लटुआ बाबा, हरीशंकर शर्मा, राजू, होरी लाल, अमीर, खिलो और विशम्बर प्रमुख थे—ने प्राकृतिक खेती को भविष्य की सबसे सुरक्षित और टिकाऊ खेती बताते हुए इसमें गहरी रुचि दिखाई। किसानों ने स्वीकारा कि रासायनिक खादों की आसमान छूती कीमतों के दौर में यह पद्धति एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रही है। कार्यक्रम के अंतिम चरण में कृषि पर्यवेक्षक निरंजन शर्मा और धर्मेन्द्र कुमार ने किसानों से मिट्टी की खोती उर्वरा शक्ति को बहाल करने के लिए प्राकृतिक खेती को पूरी तरह अपनाने का आह्वान किया। इसके पश्चात एक संवादात्मक सत्र का भी आयोजन हुआ, जिसमें किसानों ने विशेषज्ञों के सम्मुख अपनी जिज्ञासाएं रखीं और उनके संतोषजनक समाधान प्राप्त किए, जिससे कृषि समुदाय में एक नया उत्साह और चेहरों पर संबल की मुस्कान साफ दिखाई दी।

Devisingh Prajapat, Bharatpur

Devisingh Prajapat, Bharatpur

नाम: देवीसिंह प्रजापत

कार्यक्षेत्र: बयाना उपखंड / उप जिला बयाना (राजस्थान)

अनुभव: 15 वर्ष

बीट (मुख्य विषय): सर्वपक्षीय समाचार (सभी तरह की खबरें और ग्राउंड रिपोर्टिंग)

परिचय 

देवीसिंह प्रजापत राजस्थान के बयाना उपखंड क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी, निष्पक्ष और सक्रिय पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से उप जिला बयाना और संपूर्ण बयाना उपखंड की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रखते हैं। स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं, विकास कार्यों से लेकर क्षेत्र की हर प्रमुख हलचल और सभी तरह की खबरों को प्रमुखता व प्रामाणिकता के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का व्यापक अनुभव (Work Experience)

देवीसिंह प्रजापत जी को मीडिया जगत का एक लंबा और समृद्ध अनुभव है। वह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। इस डेढ़ दशक के सफर में उन्होंने मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स (प्रिंट, डिजिटल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) पर काम किया है, जिससे उन्हें ग्राउंड रिपोर्टिंग और क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है।

शैक्षणिक योग्यता

देवीसिंह प्रजापत जी शैक्षणिक रूप से बेहद सुदृढ़ हैं। उन्होंने विज्ञान स्नातक (B.Sc.) के साथ-साथ बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (B.E.) की डिग्री हासिल की है। उनकी यह तकनीकी और तार्किक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों के विश्लेषण, तथ्यों की जांच और समसामयिक मुद्दों को एक वैज्ञानिक व सटीक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।

Next Story