बयाना: 'कवच' की सुरक्षा से महफूज होगा बचपन, बाल विवाह और तस्करी के खिलाफ ब्लॉक स्तरीय महामंथन
बयाना में परियोजना 'कवच' के तहत आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में बाल विवाह, बाल तस्करी और बाल श्रम के खिलाफ निर्णायक जंग का आगाज किया गया। शालो हैंमरोंन के नेतृत्व में आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बाल संरक्षण और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष गुरुमंत्र दिए गए। जानिए कैसे बयाना की ग्राम पंचायतें बनेंगी अब बाल अधिकारों के लिए सुरक्षित 'मॉडल पंचायत'।

बयाना। बचपन को शोषण की बेड़ियों से मुक्त कर एक सुरक्षित समाज की नींव रखने के संकल्प के साथ बयाना पंचायत समिति मुख्यालय पर परियोजना “कवच” के तत्वावधान में एक दिवसीय गहन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। बाल अधिकारों के संरक्षण और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला में क्षेत्र की आशा सहयोगिनियों, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने हुंकार भरी। इस आयोजन ने न केवल प्रशासनिक संवेदनशीलता को दर्शाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि बयाना की प्रत्येक ग्राम पंचायत को अब बाल श्रम और बाल तस्करी जैसी सामाजिक कुरीतियों से मुक्त कर एक 'मॉडल पंचायत' के रूप में स्थापित किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान परियोजना प्रबंधक शालो हैंमरोंन ने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इस अभियान की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रशिक्षण का मूल ध्येय समूचे क्षेत्र को बाल विवाह मुक्त और सुरक्षित बनाना है। योजना के अंतर्गत चरणबद्ध तरीके से स्वास्थ्य और बाल विकास विभाग के अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि भारत सरकार और राजस्थान सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद बच्चे तक पहुंच सके। कार्यकर्ताओं को बारीकी से सिखाया गया कि कैसे संकटग्रस्त बच्चों की पहचान की जाए और समय रहते उन्हें विधिक व सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए।
इस महामंथन में कार्यकर्ताओं ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई और इसे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मील का पत्थर बताया। कार्यशाला में यह रेखांकित किया गया कि जब ग्राम स्तर पर कार्यरत एएनएम और आशा कार्यकर्ता जागरूक होंगी, तभी बाल तस्करी जैसे संगठित अपराधों पर लगाम कसी जा सकेगी। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम समन्वयक जितेन्द्र कुमार, ब्लॉक कार्यक्रम समन्वयक मानसिंह मीणा, सेक्टर हेल्थ सुपरवाइजर बृजेन्द्र कुमार मीणा, राधा मित्तल एवं गजेन्द्र सिंह ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में डब्लूएचओ (WHO) बयाना से रामकुमार यादव, एमआईएस ऑफिसर कौशिकी गोशाल और पीएफ बयाना नरेंद्र कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने इस मुहिम को गति देने की शपथ ली।

Devisingh Prajapat, Bharatpur
नाम: देवीसिंह प्रजापत
कार्यक्षेत्र: बयाना उपखंड / उप जिला बयाना (राजस्थान)
अनुभव: 15 वर्ष
बीट (मुख्य विषय): सर्वपक्षीय समाचार (सभी तरह की खबरें और ग्राउंड रिपोर्टिंग)
परिचय
देवीसिंह प्रजापत राजस्थान के बयाना उपखंड क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी, निष्पक्ष और सक्रिय पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से उप जिला बयाना और संपूर्ण बयाना उपखंड की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रखते हैं। स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं, विकास कार्यों से लेकर क्षेत्र की हर प्रमुख हलचल और सभी तरह की खबरों को प्रमुखता व प्रामाणिकता के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का व्यापक अनुभव (Work Experience)
देवीसिंह प्रजापत जी को मीडिया जगत का एक लंबा और समृद्ध अनुभव है। वह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। इस डेढ़ दशक के सफर में उन्होंने मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स (प्रिंट, डिजिटल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) पर काम किया है, जिससे उन्हें ग्राउंड रिपोर्टिंग और क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है।
शैक्षणिक योग्यता
देवीसिंह प्रजापत जी शैक्षणिक रूप से बेहद सुदृढ़ हैं। उन्होंने विज्ञान स्नातक (B.Sc.) के साथ-साथ बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (B.E.) की डिग्री हासिल की है। उनकी यह तकनीकी और तार्किक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों के विश्लेषण, तथ्यों की जांच और समसामयिक मुद्दों को एक वैज्ञानिक व सटीक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।
