पंचायत समिति बयाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत बरखेड़ा में करीब चार वर्ष पहले छह लाख रुपये की लागत से बनी इंटरलॉकिंग सड़क अब सरकारी रिकॉर्ड में सामने आए विरोधाभासों के कारण विवादों में आ गई है। आरोप है कि सड़क निर्माण की स्वीकृति बरखेड़ा ग्राम पंचायत के लिए जारी हुई, लेकिन निर्माण दूसरी ग्राम पंचायत हतीजर की सीमा तक करा दिया गया। आरटीआई से प्राप्त जानकारी, पंचायत समिति की जांच रिपोर्ट और राजस्व विभाग की सीमाज्ञान रिपोर्ट में अलग-अलग तथ्य सामने आने से पूरे मामले में पारदर्शिता और रिकॉर्ड की सत्यता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

रिकॉर्ड के अनुसार 12 मार्च 2022 को बरखेड़ा ग्राम पंचायत के स्कूल मार्ग पर इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण के लिए करीब छह लाख रुपये की प्रशासनिक, तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति जारी की गई थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सड़क का निर्माण वैर उपखंड की ग्राम पंचायत हतीजर क्षेत्र तक कर दिया गया, जबकि जिस खातेदारी भूमि से सड़क निकाली गई, उसके खातेदार से भी विधिवत सहमति नहीं ली गई।

मामले में स्थानीय ग्रामीण भवानी शंकर उर्फ पप्पू गोयल ने जिला कलेक्टर को शिकायत देकर जांच की मांग की। शिकायत में उन्होंने अपनी आबादी भूमि पर तारबंदी कर अतिक्रमण करने तथा बरखेड़ा ग्राम पंचायत की स्वीकृत राशि दूसरी ग्राम पंचायत में खर्च किए जाने का आरोप लगाया। शिकायत के बाद प्रशासन ने पंचायत एवं राजस्व स्तर पर अलग-अलग जांच कराई।

आरटीआई के तहत ग्राम विकास अधिकारी द्वारा दिए गए जवाब में कहा गया कि सड़क का निर्माण संबंधित खातेदार की सहमति से कृषि भूमि में कराया गया। वहीं संबंधित खातेदार महेश शर्मा ने किसी भी प्रकार की सहमति देने से इनकार करते हुए कथित सहमति पत्र सार्वजनिक करने की मांग की है।

इसके बाद सामने आए दस्तावेजों ने विवाद को और गहरा दिया। पंचायत समिति की 29 अप्रैल 2026 की जांच रिपोर्ट में सड़क को बरखेड़ा के गैरमुमकिन आबादी क्षेत्र और हतीजर की कृषि भूमि से होकर गुजरना बताया गया। वहीं 18 जून 2026 को बयाना और वैर तहसीलों की संयुक्त सीमाज्ञान कार्रवाई में भी रास्ता दोनों ग्राम पंचायतों की सीमा में पाया गया। इसके विपरीत 10 जून 2026 को आरटीआई के जवाब में पूरे मार्ग को केवल बरखेड़ा की आबादी क्षेत्र में बताया गया।

इन परस्पर विरोधी अभिलेखों के बाद सड़क निर्माण की वैधता और सरकारी रिकॉर्ड की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

उपखंड अधिकारी बयाना दीपक मित्तल ने कहा, "प्रार्थी भवानी शंकर उर्फ पप्पू गोयल के पूर्वजों से प्राप्त रिहायशी आवास के रास्ता है। जिसपर पर मुढ्ढी गाढ़ कर रास्ते में हो रहे अतिक्रमण को शीघ्र हटाया जाये।"

वहीं पंचायत समिति बयाना के विकास अधिकारी शिवसिंह ने कहा, "स्वीकृत कार्य की राशि दूसरी ग्राम पंचायत में खर्च नहीं की जा सकती। विशेष परिस्थितियों में सक्षम स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद ही ऐसा किया जा सकता है।" दोनों अधिकारियों के इन बयानों और उपलब्ध रिकॉर्ड के बीच सामने आए विरोधाभासों ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।

Pratahkal Bureau

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