बयाना: मुख्यमंत्री के बन्ध बरेठा दौरे के दौरान आशा सहयोगिनियों का प्रदर्शन
बन्ध बरेठा में नियमितीकरण और वेतन भुगतान की मांगों को लेकर आशा सहयोगिनियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने रोक दिया।

बन्ध बरेठा में सोमवार को नियमितीकरण और वेतन की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची आशा सहयोगिनियां, पुलिस द्वारा रोके जाने पर प्रदर्शन करती हुईं।
बयाना (बन्ध बरेठा): मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बन्ध बरेठा दौरे के दौरान सोमवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब अपनी लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने पहुंचीं आशा सहयोगिनियों को पुलिस ने मुख्यमंत्री तक पहुंचने से रोक दिया। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों और आशा सहयोगिनियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई, जिससे आक्रोशित महिलाओं ने मौके पर ही पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री के दौरे की सूचना मिलते ही क्षेत्र की आशा सहयोगिनियों ने एकजुट होकर अपनी समस्याओं के समाधान हेतु एक ज्ञापन तैयार किया था। आशा सहयोगिनी विमलेश देवी और गीता देवी ने बताया कि वे अन्य सहयोगिनियों के साथ मिलकर मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी पीड़ा रखना चाहती थीं। उनका मुख्य तर्क यह है कि वे स्वास्थ्य विभाग में नियमित कार्य की लंबे समय से मांग कर रही हैं, परंतु वर्तमान में उनसे स्वास्थ्य विभाग के अलावा अन्य विभागों के कार्य भी जबरन कराए जाते हैं, जिससे उन्हें अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनके ज्ञापन में यह स्पष्ट मांग शामिल थी कि उनसे केवल स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कार्य ही लिए जाएं।
इसके अतिरिक्त, वेतन भुगतान में हो रही अनियमितता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सहयोगिनियों का कहना है कि उन्हें समय पर पूरा वेतन नहीं मिलता है और भुगतान अक्सर टुकड़ों में किया जाता है। उन्होंने मांग की है कि प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच नियमित रूप से वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, वे लंबे समय से लंबित मानदेय वृद्धि की मांग को भी मुख्यमंत्री के समक्ष मजबूती से रखने की तैयारी में थीं।
घटनास्थल पर जब ये महिलाएं अपनी बात कहने के लिए मुख्यमंत्री की ओर आगे बढ़ीं, तो महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें मार्ग में ही रोक लिया। इस अवरोध के कारण पुलिस और महिलाओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई और महिलाओं ने पुलिस पर धक्का-मुक्की का आरोप लगाते हुए अपना रोष प्रकट किया। अपनी बात मुख्यमंत्री तक न पहुंच पाने की हताशा और पुलिस के व्यवहार से नाराज महिलाओं ने वहीं पर नारेबाजी शुरू कर दी। यद्यपि प्रशासनिक अधिकारियों ने बाद में उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि आशा सहयोगिनियों में अपनी अनदेखी को लेकर गहरा आक्रोश है और वे अपने हक के लिए संघर्षरत हैं। यह पूरा घटनाक्रम फिलहाल बयाना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

Devisingh Prajapat, Bharatpur
नाम: देवीसिंह प्रजापत
कार्यक्षेत्र: बयाना उपखंड / उप जिला बयाना (राजस्थान)
अनुभव: 15 वर्ष
बीट (मुख्य विषय): सर्वपक्षीय समाचार (सभी तरह की खबरें और ग्राउंड रिपोर्टिंग)
परिचय
देवीसिंह प्रजापत राजस्थान के बयाना उपखंड क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी, निष्पक्ष और सक्रिय पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से उप जिला बयाना और संपूर्ण बयाना उपखंड की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रखते हैं। स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं, विकास कार्यों से लेकर क्षेत्र की हर प्रमुख हलचल और सभी तरह की खबरों को प्रमुखता व प्रामाणिकता के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का व्यापक अनुभव (Work Experience)
देवीसिंह प्रजापत जी को मीडिया जगत का एक लंबा और समृद्ध अनुभव है। वह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। इस डेढ़ दशक के सफर में उन्होंने मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स (प्रिंट, डिजिटल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) पर काम किया है, जिससे उन्हें ग्राउंड रिपोर्टिंग और क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है।
शैक्षणिक योग्यता
देवीसिंह प्रजापत जी शैक्षणिक रूप से बेहद सुदृढ़ हैं। उन्होंने विज्ञान स्नातक (B.Sc.) के साथ-साथ बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (B.E.) की डिग्री हासिल की है। उनकी यह तकनीकी और तार्किक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों के विश्लेषण, तथ्यों की जांच और समसामयिक मुद्दों को एक वैज्ञानिक व सटीक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।
