अशोक गहलोत ने किया शोध पुस्तक 'हरित ऋषि का अवतरण' का विमोचन
पूर्व मुख्यमंत्री ने लेखक बांकेबिहारी को ग्लोबल डायमंड आइकन अवार्ड के लिए सराहा, युवा पीढ़ी को गौरवशाली इतिहास और स्वाध्याय से जुड़ने का दिया संदेश।

। ब्रह्म समाज के गौरवशाली इतिहास और आध्यात्मिक विरासत को रेखांकित करती शोध आधारित पुस्तक "हरित ऋषि का अवतरण" का भव्य विमोचन संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुस्तक के लेखक श्री बांकेबिहारी से भेंट कर उन्हें इस सारगर्भित शोध कार्य के लिए हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। कार्यक्रम के दौरान बांकेबिहारी को उनकी साहित्यिक सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित 'ग्लोबल डायमंड आइकन अवार्ड' से सम्मानित होने पर पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा विशेष रूप से सराहा गया।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुस्तक का सूक्ष्मता से अवलोकन करते हुए अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के शोध आधारित ग्रंथ समाज को अपनी जड़ों और समृद्ध ऐतिहासिक परंपराओं को गहराई से समझने का अमूल्य अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पुस्तक के सार्वजनिक पटल पर आने से जन-जन का इससे जुड़ाव होगा और लोग प्रामाणिक ऐतिहासिक तथ्यों से आत्मसात हो सकेंगे। गहलोत ने वर्तमान समय में बच्चों और युवा पीढ़ी में स्वाध्याय की प्रवृत्ति विकसित करने पर बल देते हुए कहा कि बांकेबिहारी जैसे अनुभवी लेखकों की सटीक लेखनी से प्रेरणा लेकर नई पीढ़ी को ज्ञान के मार्ग पर अग्रसर होने की आवश्यकता है।
आयोजन की विस्तृत जानकारी देते हुए उपखण्ड क्षेत्र के आदर्श गांव निठार निवासी एवं गांधीवादी विचारक भूपेन्द्र आर्य ने बताया कि कार्यक्रम के प्रारंभ में लेखक बांकेबिहारी ने अपने परिजनों और सहयोगियों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री का पारंपरिक रीति-रिवाज से आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। चर्चा के दौरान भूपेन्द्र आर्य ने सामाजिक जागरूकता के महत्व को प्रतिपादित करते हुए कहा कि नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति चेतना जागृत करने के लिए निरंतर लेखन और वैचारिक विमर्श की प्रक्रिया अपरिहार्य है। इस गरिमामयी समारोह में दा इंडियन फाउंडेशन के संस्थापक गणेश दत्त शर्मा और पुनीत भारद्वाज सहित समाज के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिन्होंने इस साहित्यिक योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की। यह विमोचन न केवल ब्रह्म समाज के लिए बल्कि शोधार्थियों और पाठकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।

Mohan Joshi, Bharatpur
नाम: मोहन लाल जोशी
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: भरतपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): तहसील रिपोर्टिंग, क्राइम (अपराध), एग्रीकल्चर फार्मिंग (कृषि), प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याएं
परिचय एवं अनुभव
मोहन लाल जोशी को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में एक लंबा और विविध अनुभव है। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:
- राजस्थान पत्रिका: इन्होंने 10 वर्षों तक राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी हैं, जहाँ मुख्य रूप से क्राइम, एग्रीकल्चर फार्मिंग और जन समस्याओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत कवरेज की।
- ईटीवी राजस्थान (जयपुर): 14 साल पहले इन्होंने ईटीवी राजस्थान, जयपुर के साथ काम किया।
- शेर-ए-हिंदुस्तान: इस मीडिया संस्थान के साथ भी काम करने का अनुभव।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
मोहन लाल जोशी शैक्षणिक और तकनीकी रूप से पत्रकारिता में उच्च योग्यता रखते हैं:
- स्नातक (Graduation)
- बीजेएमसी (BJMC): बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
- पीएचडी (Ph.D.): पत्रकारिता (Journalism) में उनकी पीएचडी वर्तमान में जारी है।
