विश्व जूनोसिस दिवस: भुसावर में पशु स्वास्थ्य और टीकाकरण अभियान, निराश्रित कुत्तों को लगी वैक्सीन
विश्व जूनोसिस दिवस पर भुसावर में पशु स्वास्थ्य को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। पशु चिकित्सा विभाग ने निराश्रित कुत्तों के टीकाकरण और लम्पी स्किन डिजीज से बचाव के लिए क्या निर्देश जारी किए और घर के आसपास फैली इन बीमारियों से कैसे बचें, जानें पूरी खबर।

तस्वीर में भुसावर के ग्रामीण सेवा शिविर में पशु चिकित्सक और स्थानीय लोग एक गाय का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए दिख रहे हैं।
विश्व जूनोसिस दिवस के अवसर पर नोडल क्षेत्र भुसावर में पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाली बीमारियों के प्रति जागरूकता एवं पशु स्वास्थ्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नोडल क्षेत्र भुसावर के नोडल प्रभारी डॉ. हेमंत शर्मा ने जानकारी दी कि क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी 26 पशु चिकित्सा संस्थाओं के प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे निराश्रित कुत्तों का अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण करें, उन्हें एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाने के साथ-साथ कीटनाशक दवाओं का छिड़काव एवं उचित उपचार सुनिश्चित करें।
इसी क्रम में वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विजय कुमार पहाड़िया ने बताया कि ग्रामीण सेवा शिविर सेंधली में पशुपालक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें पशुपालकों को जूनोटिक बीमारियों के खतरों और उनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान निराश्रित कुत्तों का एंटी-रेबीज टीकाकरण करने के साथ ही गायों को लम्पी स्किन डिजीज से सुरक्षित रखने हेतु उनका भी टीकाकरण किया गया।
डॉ. हेमंत सिंह ने स्पष्ट किया कि रेबीज, ब्रुसेलोसिस, लेप्टोस्पायरोसिस और साल्मोनेलोसिस जैसे रोग प्रमुख जूनोटिक बीमारियां हैं, जो पशुओं से मनुष्यों और कुछ स्थितियों में मनुष्यों से पशुओं में भी संचारित हो सकती हैं। इन जानलेवा बीमारियों से बचने के लिए समय पर टीकाकरण, स्वच्छता और सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है। डॉ. सत्यजीत ने आम लोगों की इस धारणा को निराधार बताया कि जूनोटिक बीमारियां केवल जंगलों तक ही सीमित रहती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये बीमारियां हमारे घरों और आसपास के वातावरण में भी पनप सकती हैं। पालतू और खेतों में पाले जाने वाले पशु मनुष्यों में ब्रुसेलोसिस, साल्मोनेलोसिस और दाद जैसी बीमारियों का प्रसार कर सकते हैं, इसलिए पशुओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण एवं व्यक्तिगत स्वच्छता का पालन बचाव का एकमात्र प्रभावी मार्ग है।

Mohan Joshi, Bharatpur
नाम: मोहन लाल जोशी
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: भरतपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): तहसील रिपोर्टिंग, क्राइम (अपराध), एग्रीकल्चर फार्मिंग (कृषि), प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याएं
परिचय एवं अनुभव
मोहन लाल जोशी को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में एक लंबा और विविध अनुभव है। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:
- राजस्थान पत्रिका: इन्होंने 10 वर्षों तक राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी हैं, जहाँ मुख्य रूप से क्राइम, एग्रीकल्चर फार्मिंग और जन समस्याओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत कवरेज की।
- ईटीवी राजस्थान (जयपुर): 14 साल पहले इन्होंने ईटीवी राजस्थान, जयपुर के साथ काम किया।
- शेर-ए-हिंदुस्तान: इस मीडिया संस्थान के साथ भी काम करने का अनुभव।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
मोहन लाल जोशी शैक्षणिक और तकनीकी रूप से पत्रकारिता में उच्च योग्यता रखते हैं:
- स्नातक (Graduation)
- बीजेएमसी (BJMC): बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
- पीएचडी (Ph.D.): पत्रकारिता (Journalism) में उनकी पीएचडी वर्तमान में जारी है।
