सजग प्रशासन की मिसाल: जिला कलेक्टर उत्सव कौशल का शीशवाड़ा शिविर पर औचक निरीक्षण, पेंडेंसी शून्य और शत-प्रतिशत लक्ष्य के सख्त निर्देश
डीग जिले की ग्राम पंचायत शीशवाड़ा में आयोजित ग्रामीण समस्या समाधान शिविर का जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने राजस्व, पेंशन, स्वास्थ्य और पशुपालन विभागों की समीक्षा कर पेंडेंसी शून्य करने और शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के सख्त निर्देश दिए।

डीग, 17 दिसंबर। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप प्रशासन को गांव-गांव तक पहुंचाने और आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन पूरी सक्रियता से जुटा है। इसी क्रम में मंगलवार को जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने ग्राम पंचायत शीशवाड़ा में आयोजित ग्रामीण समस्या समाधान शिविर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर का फोकस स्पष्ट था—शिविर केवल औपचारिकता न बनें, बल्कि धरातल पर समस्याओं का ठोस समाधान दिखाई दे।
जिला कलेक्टर ने शिविर में लगाए गए विभिन्न विभागीय काउंटरों का निरीक्षण करते हुए कार्यों की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की। राजस्व विभाग के काउंटर पर पहुंचकर उन्होंने आपसी सहमति से बंटवारे, नामांतरण और न्यायालय के निर्णयों की राजस्व रिकॉर्ड में अमलदरामद से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त शब्दों में कहा कि पूर्व में आयोजित शिविरों के लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और प्रशासन पर भरोसा मजबूत हो।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि क्षेत्र के सभी पेंशनधारियों का शत-प्रतिशत वार्षिक भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी पात्र व्यक्ति की पेंशन रुकनी नहीं चाहिए, वहीं अपात्र लाभार्थियों की पहचान भी समय रहते होनी आवश्यक है।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने चिकित्सा विभाग के डेस्क पर उपलब्ध जांच सुविधाओं की जानकारी ली और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि शिविर में मौसमी बीमारियों की स्क्रीनिंग के साथ पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता बनी रहे। वहीं पशुपालन विभाग को पशुओं में होने वाले रोगों की रोकथाम के लिए निर्धारित टीकाकरण लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल करने की ताकीद की गई।
निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को यह स्पष्ट संदेश दिया कि ऐसे शिविर जनता की उम्मीदों से जुड़े होते हैं और इनका उद्देश्य कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि वास्तविक राहत पहुंचाना है। जिला प्रशासन की यह सक्रियता ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की पहुंच और विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
