भुसावर। छोकरबाड़ा कलां में राज्य सरकार के चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाए जा रहे ट्रॉमा सेंटर के निर्माण में घटिया गुणवत्ता वाली सामग्री के उपयोग के आरोप ने तूल पकड़ लिया है। गांव के ग्रामीण जन लखन सिंह, जिला परिषद सदस्य किशन सिंह उर्फ पप्पू, राजा राम, ओमप्रकाश, फूलवती, प्रधान पंचायत समिति भुसावर सुफेदी जाटव और सोहन सिंह ने गुरुवार को उपखंड अधिकारी राधेश्याम मीणा को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य में गुणवत्तापूर्ण सामग्री के उपयोग की मांग की है।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार राज्य सरकार की निविदा शर्तों का पालन नहीं कर रहा है। बताया गया कि 16 और 20 मिमी के लोहे के सरिया की जगह 12 और 16 मिमी के सरिया का प्रयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही घटिया गुणवत्ता की ईंटों और बजरी का भी उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित विभाग के एईएन और एक्सईएन ने शिकायत करने पर हल्के में जवाब देते हुए कहा, "हम तो ट्रॉमा सेंटर को रेत से बनाएंगे।"

भुसावर उपखंड अधिकारी राधेश्याम मीणा ने मामले पर कार्रवाई करते हुए कहा कि गांव छोकरबाड़ा कलां के ग्रामीणों की शिकायत गंभीरता से ली गई है। उन्होंने बताया कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है और उत्तम सामग्री का उपयोग ठेकेदार से कराया जाएगा।

एनआरएचएम के कनिष्ठ अभियंता लोकेंद्र सिंह ने भी पुष्टि की कि निर्माण कार्य फिलहाल रोक दिया गया है और सभी सामग्री के सैंपल इंजीनियरिंग कॉलेज भरतपुर लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर सामग्री मानकों पर खरी नहीं उतरी तो ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले ने स्थानीय जनता में गंभीर चिंता पैदा कर दी है। ट्रॉमा सेंटर जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य ढांचे में घटिया सामग्री के प्रयोग की संभावना न केवल मरीजों की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाती है।

Pratahkal Bureau

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