डीग, 2 दिसंबर 2025: रबी फसलों की बुवाई और सिंचाई के पीक सीजन को देखते हुए कृषि विभाग ने जिले में यूरिया उर्वरक की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। डीग के संयुक्त निदेशक कृषि, रामकुंवर जाट ने बताया कि जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है और रेल तथा सड़क मार्ग से इसकी निरंतर आपूर्ति जारी है।

जिलाध्यक्ष ने बताया कि इस सत्र में जिले में गेहूं, चना, जौ और सरसों जैसी फसलों का कुल बुवाई रकबा लगभग 1,70,000 हेक्टेयर है। इन फसलों के संतुलित पोषण के लिए अक्टूबर 2025 से फरवरी 2026 तक जिले में कुल 33,100 मैट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता आंकी गई थी, जबकि अब तक 20,500 मैट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति सफलतापूर्वक की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, दिसंबर माह के लिए 1,100 मैट्रिक टन यूरिया की अतिरिक्त आपूर्ति मुख्यालय जयपुर को प्रेषित कर दी गई है, जिसकी जल्द ही जिले में प्राप्ति अपेक्षित है।

रामकुंवर जाट ने किसानों से विशेष अपील की है कि वे यूरिया का अनावश्यक भंडारण न करें और केवल ‘प्रथम छिड़काव’ के लिए आवश्यक मात्रा ही खरीदें। उन्होंने कहा कि 15 दिसंबर के बाद फसलों में दूसरी सिंचाई के समय ‘द्वितीय छिड़काव’ हेतु पर्याप्त यूरिया उपलब्ध होगा। इस क्रम में किसानों से संयम और विभागीय निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

उर्वरकों की व्यवस्थित आपूर्ति और सुचारू विक्रय सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग ने डीग कार्यालय में एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है। किसानों को किसी भी समस्या या जानकारी के लिए कृषि अधिकारी महेश चन्द द्वारा संचालित इस कंट्रोल रूम से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

कृषि विभाग की यह पहल न केवल किसानों को समय पर आवश्यक उर्वरक उपलब्ध कराने में मदद करेगी, बल्कि रबी फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता को भी सुनिश्चित करेगी।

Pratahkal Bureau

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