बयाना में अवैध खनन माफिया पर प्रशासन का कड़ा प्रहार: संयुक्त टीम ने 6 आरोपियों को दबोचा, भारी मशीनरी जब्त
बयाना में पुलिस, खनन और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई ने अवैध खनन माफियाओं की कमर तोड़ दी है। कैर-खानखेड़ा के वन संरक्षित क्षेत्र से अवैध पत्थर ले जाते हुए वीरेंद्र राजपूत सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 7 ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर जब्त कर प्रशासन ने सख्त संदेश दिया है। विस्तार से पढ़ें इस बड़ी कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट।

बयाना। राजस्थान के बयाना क्षेत्र में प्रकृति का सीना चीर रहे अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने अब आर-पार की जंग छेड़ दी है। पुलिस, खनन विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़े अभियान के तहत क्षेत्र में सक्रिय अवैध खनन के नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई ने खनन माफियाओं में हड़कंप मचा दिया है, जिससे यह साफ संदेश गया है कि संरक्षित वन क्षेत्रों और खनिज संपदा पर अवैध कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
अभियान के दौरान अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जिसमें अवैध रूप से खनिज ले जा रहे 7 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 1 डंपर और खनन कार्य में प्रयुक्त होने वाली 1 कम्प्रेशर मशीन को मौके से जब्त किया गया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस और संबंधित विभागों का तालमेल बेहद सटीक रहा, जिसके परिणामस्वरूप माफियाओं को संभलने का मौका तक नहीं मिला। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से फिलहाल पूछताछ की जा रही है ताकि इस अवैध धंधे की जड़ों तक पहुँचा जा सके।
सदर थाना पुलिस की कार्रवाई इस अभियान का मुख्य केंद्र रही, जहाँ पुलिस ने खंडा बोल्डर पत्थरों से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रुकवाकर सघन जांच की। जांच के दौरान चालक वीरेंद्र राजपूत को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि ये पत्थर कैर-खानखेड़ा क्षेत्र के वन संरक्षित पहाड़ से अवैध रूप से उत्खनित किए गए थे। आरोपी के पास परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज मौजूद नहीं थे, जो सीधे तौर पर पर्यावरण और सरकारी संपदा की चोरी का मामला दर्शाता है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई महज एक शुरुआत है। पर्यावरण संतुलन को बिगाड़ने वाली और सरकारी राजस्व को चूना लगाने वाली ऐसी गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। बयाना क्षेत्र में वन विभाग और पुलिस की पैनी नजर अब हर उस संदिग्ध गतिविधि पर है जो पहाड़ों के अस्तित्व के लिए खतरा बनी हुई है। इस बड़ी कार्रवाई ने न केवल अवैध परिवहन पर लगाम लगाई है, बल्कि यह क्षेत्र में कानून व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

Devisingh Prajapat, Bharatpur
नाम: देवीसिंह प्रजापत
कार्यक्षेत्र: बयाना उपखंड / उप जिला बयाना (राजस्थान)
अनुभव: 15 वर्ष
बीट (मुख्य विषय): सर्वपक्षीय समाचार (सभी तरह की खबरें और ग्राउंड रिपोर्टिंग)
परिचय
देवीसिंह प्रजापत राजस्थान के बयाना उपखंड क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी, निष्पक्ष और सक्रिय पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से उप जिला बयाना और संपूर्ण बयाना उपखंड की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रखते हैं। स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं, विकास कार्यों से लेकर क्षेत्र की हर प्रमुख हलचल और सभी तरह की खबरों को प्रमुखता व प्रामाणिकता के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का व्यापक अनुभव (Work Experience)
देवीसिंह प्रजापत जी को मीडिया जगत का एक लंबा और समृद्ध अनुभव है। वह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। इस डेढ़ दशक के सफर में उन्होंने मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स (प्रिंट, डिजिटल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) पर काम किया है, जिससे उन्हें ग्राउंड रिपोर्टिंग और क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है।
शैक्षणिक योग्यता
देवीसिंह प्रजापत जी शैक्षणिक रूप से बेहद सुदृढ़ हैं। उन्होंने विज्ञान स्नातक (B.Sc.) के साथ-साथ बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (B.E.) की डिग्री हासिल की है। उनकी यह तकनीकी और तार्किक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों के विश्लेषण, तथ्यों की जांच और समसामयिक मुद्दों को एक वैज्ञानिक व सटीक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।
