डीग में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन का कड़ा प्रहार: कलेक्टर और एसपी ने दी माफियाओं को सख्त चेतावनी
डीग जिला कलेक्टर उत्सव कौशल और एसपी ओम प्रकाश मीना ने अवैध खनन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अडावली में आरएसी तैनात करने और ड्रोन सर्वे के निर्देश दिए हैं। सीकरी, पहाड़ी और नगर क्षेत्र में माफियाओं पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने 15 दिन में रिपोर्ट तलब की है। जानिए कैसे डीग प्रशासन तकनीक और पुलिस बल के जरिए अवैध खनन पर लगाम लगाने की तैयारी में है।

डीग, 01 जनवरी। राजस्थान के नवगठित जिले डीग में अवैध खनन और ओवरलोडिंग के काले कारोबार पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने अब पूरी तरह से कमर कस ली है। गुरुवार को पूंछरी स्थित जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के विश्राम गृह में आयोजित एक उच्च स्तरीय 'अंतर-विभागीय समीक्षा बैठक' में जिला कलेक्टर उत्सव कौशल और जिला पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश मीना ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि क्षेत्र की पहाड़ियों का सीना छलनी करने वाले माफियाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस संयुक्त बैठक में पुलिस, खनिज और परिवहन विभाग के आला अधिकारियों की मौजूदगी में अवैध खनन के खिलाफ एक निर्णायक रणनीति तैयार की गई, जिसमें तकनीक और अतिरिक्त बल के सामंजस्य पर जोर दिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि सीकरी, पहाड़ी और नगर क्षेत्र में अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने खनिज विभाग के अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि वे केवल कागजी खानापूर्ति करने के बजाय धरातल पर नियमित निरीक्षण करें। कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए कि यदि कोई भी पट्टाधारक अपनी लीज शर्तों का उल्लंघन कर निर्धारित सीमा से बाहर खनन करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध खनिज अधिनियम के तहत कठोरतम दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने इस पूरे अभियान की तथ्यात्मक अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए अधिकारियों को 15 दिन का अल्टीमेटम भी दिया है।
प्रशासनिक स्तर पर विभागीय कार्यप्रणाली को और अधिक धार देने के लिए अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां ने खनिज और परिवहन विभाग की वर्तमान कार्ययोजनाओं का सूक्ष्म विश्लेषण किया। कस्वां ने खनिज अभियंता को निर्देश दिए कि कार्यवाही में औपचारिकता के स्थान पर प्रभावशीलता दिखनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस के साथ मिलकर औचक छापेमारी करने और तत्काल अभियोग पंजीकृत करवाने के आदेश दिए। कस्वां ने स्पष्ट किया कि प्रशासन और पुलिस के बीच समन्वय में किसी भी प्रकार की शिथिलता को लापरवाही माना जाएगा।
सुरक्षा और प्रवर्तन के मोर्चे पर जिला पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश मीना ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने खनिज और परिवहन विभाग के अधिकारियों को आश्वस्त किया कि मैनपावर की कमी को कार्यवाही में बाधक नहीं बनने दिया जाएगा। एसपी मीना ने संबंधित पुलिस उपाधीक्षकों और थानाधिकारियों को निर्देश दिए कि मांग के अनुसार तत्काल पुलिस जाब्ता उपलब्ध कराया जाए। सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा कदम उठाते हुए उन्होंने जानकारी दी कि अतिसंवेदनशील 'अडावली' क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को पूरी तरह रोकने के लिए आरएसी (RAC) की टीम को स्थाई रूप से तैनात कर दिया गया है।
बैठक के दौरान एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया जब खनिज अभियंता ने बताया कि लीज क्षेत्र से बाहर खनन के लगभग 50 प्रकरण पहले ही संज्ञान में आ चुके हैं, जिन पर कानूनी प्रक्रिया चल रही है। इसके अतिरिक्त, सेवल मंदिर और उसके समीपवर्ती 'डीम्ड फॉरेस्ट' क्षेत्र की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने अब अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लेने का निर्णय लिया है। इन क्षेत्रों में अतिक्रमण और अवैध खनन की वास्तविक स्थिति का सटीक आकलन करने के लिए 'ड्रोन सर्वे' करवाया जाएगा। साथ ही, परिवहन विभाग को पुलिस के साथ मिलकर विशेष नाकाबंदी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ओवरलोड वाहनों के जरिए होने वाले अवैध खनिज परिवहन पर लगाम लगाई जा सके। इस महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां के साथ पुलिस उप अधीक्षक, खनिज अभियंता, जिला परिवहन अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा को बचाने का साझा संकल्प लिया।

Pratahkal Bureau
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