भुसावर। बाणगंगा नदी के पेटे में चल रहे अवैध दोहन की खबर सामने आते ही प्रशासन हरकत में आ गया। सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार मनोज भारद्वाज माइन्स विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जैसे ही प्रशासनिक कार्रवाई का संकेत क्षेत्र में पहुंचा, खनन माफिया पहले ही अपने ठिकाने छोड़कर फरार हो गए।

टीम जब नदी किनारे पहुंची तो वहां अवैध खनन के स्पष्ट सबूत मिले। मौके पर लगे जाल, रेती खींचने के निशान और नदी के भीतर जाने वाले कच्चे रास्ते खुलासा कर रहे थे कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से लगातार अवैध रेत का परिवहन किया जा रहा था। वर्षों से चल रही इस गतिविधि ने न सिर्फ नदी के प्राकृतिक स्वरूप को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि राजस्व की भी भारी हानि होती रही है।

नायब तहसीलदार मनोज भारद्वाज ने बताया कि मौके पर खनन तो स्पष्ट रूप से हुआ पाया गया, लेकिन टीम पहुंचने से पहले कोई भी आरोपी नहीं मिला। उन्होंने माइन्स विभाग को निर्देश दिए कि क्षेत्र में नियमित निगरानी बढ़ाई जाए और खनन माफियाओं पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार हलेना के मनोज भारद्वाज, खनन विभाग के मनमोहन मीना, गिरदावर वेद प्रकाश, पटवारी खेमचंद गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का यह त्वरित निरीक्षण अवैध खनन पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Pratahkal Bureau

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