डीग, 26 दिसंबर। कड़ाके की सर्दी के बीच पहाड़ी उपखंड की ग्राम पंचायत कठौल में उस समय प्रशासन और जनता का सीधा संवाद देखने को मिला, जब जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने सुशासन की भावना को ज़मीन पर उतारते हुए रात्रि चौपाल का आयोजन किया। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप गांवों तक प्रशासन की पहुंच सुनिश्चित करने और समस्याओं का मौके पर समाधान करने के उद्देश्य से आयोजित इस चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी व्यथाएं लेकर पहुंचे, जिन्हें कलेक्टर ने गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना।

रात्रि चौपाल का सबसे प्रमुख मुद्दा सिंचाई जल का रहा। ग्राम कठौल के सकूर अली सहित अन्य ग्रामीणों ने संयुक्त परिवेदना प्रस्तुत कर बताया कि गांव की बड़ी नहर और छोटी नहर में वर्तमान में पानी नहीं आ रहा है, जिससे रबी की फसल की सिंचाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसानों की बात सुनते ही जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि तकनीकी बाधाओं को तुरंत दूर कर नहरों में पानी छोड़ा जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सिंचाई जल किसानों के लिए जीवनरेखा है और यह सुनिश्चित किया जाए कि अंतिम छोर तक बसे किसानों को भी समय पर पानी मिले।

चौपाल के दौरान खनन क्षेत्र और राजस्व रास्तों से जुड़े प्रकरण भी प्रमुखता से सामने आए। ग्रामीणों ने स्टाम्प पर लिखित सहमति का हवाला देते हुए भारी वाहनों के आवागमन तथा रास्तों के पक्के निर्माण को लेकर अपना पक्ष रखा। इस पर जिला कलेक्टर ने राजस्व और खनन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नियमों की परिधि में रहते हुए ग्रामीणों की सहमति के आधार पर सीमाज्ञान कर रास्तों के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी विकास कार्य में जनहित सर्वोपरि होना चाहिए।

इसके अतिरिक्त चौपाल में विद्युत विभाग, अतिक्रमण हटाने और पेंशन से संबंधित मामलों पर भी चर्चा हुई। जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि रात्रि चौपाल में प्राप्त प्रत्येक आवेदन को ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए और उनका निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि रात्रि चौपाल में प्राप्त परिवादों का सात दिवस के भीतर निस्तारण सुनिश्चित हो, अन्यथा कोताही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि प्रशासन का उद्देश्य केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि परिवादी के चेहरे पर संतोष लाना है।

रात्रि चौपाल में उपखंड अधिकारी पहाड़ी, तहसीलदार, विकास अधिकारी विजय जैन, जल संसाधन विभाग के अभियंता, स्थानीय सरपंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। यह चौपाल न केवल प्रशासनिक संवेदनशीलता का उदाहरण बनी, बल्कि ग्रामीणों में यह विश्वास भी जगा गई कि उनकी समस्याएं अब सीधे सरकार के संज्ञान में आ रही हैं और उनका समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।

Pratahkal Bureau

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