बयाना के भगवान वाड़ी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 101 किलो मेवे वाली खीर और अन्नकूट का भक्तों ने चखा स्वाद
बयाना के भगवान वाड़ी मंदिर में श्रद्धा और उल्लास के साथ अन्नकूट महोत्सव मनाया गया। कड़ाके की ठंड के बीच 101 किलो मेवे वाली खीर और गर्मागर्म अन्नकूट का प्रसाद हजारों भक्तों को वितरित किया गया। हनुमान जी के विशेष श्रृंगार और भजनों की गूंज से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। देवीसिंह प्रजापत की विस्तृत रिपोर्ट में जानें इस भव्य धार्मिक आयोजन की पूरी जानकारी।

बयाना। राजस्थान के बयाना शहर में स्थित प्रसिद्ध भगवान वाड़ी मंदिर एवं व्यायामशाला परिसर मंगलवार को पूरी तरह भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच श्रद्धालुओं की अटूट आस्था ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। अवसर था मंदिर परिसर में आयोजित भव्य अन्नकूट एवं खीर वितरण कार्यक्रम का, जहां हजारों की संख्या में पहुंचे आम जन ने भगवान के दर्शन कर प्रसादी ग्रहण की।
कार्यक्रम का शुभारंभ अलसुबह भगवान हनुमान जी के विशेष श्रृंगार के साथ हुआ। मर्यादा पुरुषोत्तम के परम भक्त हनुमान जी की प्रतिमा पर भव्य चोला चढ़ाया गया और मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। हनुमान जी के नयनाभिराम स्वरूप के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया था। भक्तिमय माहौल उस समय और भी गहरा हो गया जब मंदिर परिसर भजनों और जयकारों की गूंज से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए जुटे कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखा।
इस धार्मिक आयोजन का मुख्य आकर्षण विशेष रूप से तैयार की गई 101 किलो खीर रही, जिसे प्रचुर मात्रा में मेवों के साथ अत्यंत शुद्धता से बनाया गया था। कड़ाके की सर्दी के बीच गर्मागर्म अन्नकूट और मेवे युक्त खीर का स्वाद लेने के लिए केवल स्थानीय निवासी ही नहीं, बल्कि राहगीर, व्यापारी, महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में पहुंचे। सेवाभावी श्रद्धालुओं और मंदिर के कार्यकर्ताओं की टीम ने पूरी निष्ठा के साथ प्रसाद वितरण का कार्य संभाला, जिससे हजारों लोगों ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने सामाजिक समरसता और सेवा भाव का अनुपम उदाहरण भी पेश किया। प्रतिकूल मौसम के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जुटना क्षेत्र में भगवान वाड़ी मंदिर के प्रति गहरी आस्था को दर्शाता है। देर शाम तक चले इस कार्यक्रम में भक्ति, सेवा और समर्पण का त्रिवेणी संगम देखने को मिला, जिसने पूरे बयाना शहर को धर्ममय कर दिया।

Devisingh Prajapat, Bharatpur
नाम: देवीसिंह प्रजापत
कार्यक्षेत्र: बयाना उपखंड / उप जिला बयाना (राजस्थान)
अनुभव: 15 वर्ष
बीट (मुख्य विषय): सर्वपक्षीय समाचार (सभी तरह की खबरें और ग्राउंड रिपोर्टिंग)
परिचय
देवीसिंह प्रजापत राजस्थान के बयाना उपखंड क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी, निष्पक्ष और सक्रिय पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से उप जिला बयाना और संपूर्ण बयाना उपखंड की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रखते हैं। स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं, विकास कार्यों से लेकर क्षेत्र की हर प्रमुख हलचल और सभी तरह की खबरों को प्रमुखता व प्रामाणिकता के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का व्यापक अनुभव (Work Experience)
देवीसिंह प्रजापत जी को मीडिया जगत का एक लंबा और समृद्ध अनुभव है। वह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। इस डेढ़ दशक के सफर में उन्होंने मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स (प्रिंट, डिजिटल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) पर काम किया है, जिससे उन्हें ग्राउंड रिपोर्टिंग और क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है।
शैक्षणिक योग्यता
देवीसिंह प्रजापत जी शैक्षणिक रूप से बेहद सुदृढ़ हैं। उन्होंने विज्ञान स्नातक (B.Sc.) के साथ-साथ बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (B.E.) की डिग्री हासिल की है। उनकी यह तकनीकी और तार्किक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों के विश्लेषण, तथ्यों की जांच और समसामयिक मुद्दों को एक वैज्ञानिक व सटीक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।
