भुसावर में नव वर्ष पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब: मंदिरों और आश्रमों में गूंजे प्रभु के जयकारे, भंडारों में हजारों ने पाई प्रसादी
भुसावर उपखंड में नव वर्ष के अवसर पर मंदिरों और आश्रमों में भक्ति का भव्य संगम देखने को मिला। निठार और उलूपुरा सहित ग्रामीण अंचल में हवन, सत्संग और विशाल भंडारों का आयोजन हुआ। सीताराम आश्रम में महंत रजनीदास महाराज के सानिध्य में रामायण पाठ का समापन कर हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। जानिए कैसे श्रद्धा और उल्लास के साथ भुसावर में मना नव वर्ष का उत्सव।

भुसावर। नव वर्ष 2026 का आगाज भुसावर उपखंड में भक्ति और सेवा के अनूठे संगम के साथ हुआ। गुरुवार को समूचा क्षेत्र आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया, जहां सुबह से ही मंदिरों और आश्रमों में विशेष हवन, पूजन और सत्संग के स्वर गूंजने लगे। कस्बे सहित ग्रामीण अंचलों में आयोजित इन धार्मिक अनुष्ठानों ने न केवल नव वर्ष का स्वागत किया, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक समरसता की एक नई इबारत भी लिख दी। श्रद्धालु देर शाम तक भक्ति रस में गोते लगाते रहे और विशाल पंगत प्रसादी के माध्यम से सामूहिक सहभोज का हिस्सा बने।
धार्मिक आयोजनों की इसी कड़ी में निठार गांव में भक्ति का विशेष उत्साह देखने को मिला। ग्रामीण पिंटू पंडित के अनुसार, नव वर्ष के पावन अवसर पर समस्त ग्रामवासियों के जन सहयोग से विशाल 'पौष बड़े' प्रसादी का भव्य आयोजन किया गया। कड़ाके की ठंड के बीच गर्मागर्म प्रसादी ग्रहण करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। ग्रामीणों ने श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की और सामूहिक रूप से क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
वहीं, उपखंड के गांव उलूपुरा स्थित सीताराम आश्रम में भक्ति की अविरल धारा बही। गांव के नीरज मीणा और विजय कुमार सहित अन्य श्रद्धालुओं ने बताया कि नव वर्ष के उपलक्ष्य में आश्रम में आयोजित अखंड रामायण पाठ का विधि-विधान के साथ समापन हुआ। इस अवसर पर आयोजित हवन-कुण्ड में आहुतियां देकर विश्व शांति की प्रार्थना की गई। तत्पश्चात भजन और सत्संग के कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें उलूपुरा सहित आसपास के अनेक गांवों से आए नर-नारियों ने देर शाम तक पंगत में बैठकर प्रसादी ग्रहण की।
सीताराम आश्रम के महंत रजनीदास महाराज ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए आध्यात्मिक मार्ग का बोध कराया। अपने सारगर्भित प्रवचन में महंत ने कहा कि मानव जीवन अनमोल है और इसकी सार्थकता मोक्ष की प्राप्ति में निहित है। उन्होंने भक्तों का आह्वान किया कि वे सांसारिक मोह-माया के बंधनों को त्यागकर भगवान की शरण में जाएं और भक्ति मार्ग का अनुसरण करें। महंत रजनीदास महाराज ने कहा कि ईश्वर का ध्यान ही मन की शांति और जीवन के उद्धार का एकमात्र मार्ग है। प्रवचन के पश्चात बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महंत का आशीर्वाद लिया। भुसावर उपखंड में हुए इन आयोजनों ने यह सिद्ध कर दिया कि आधुनिकता के दौर में भी सनातन संस्कृति और सेवा की परंपराएं आज भी जन-जन के मानस में गहरे तक रची-बसी हैं।

Mohan Joshi, Bharatpur
नाम: मोहन लाल जोशी
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: भरतपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): तहसील रिपोर्टिंग, क्राइम (अपराध), एग्रीकल्चर फार्मिंग (कृषि), प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याएं
परिचय एवं अनुभव
मोहन लाल जोशी को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में एक लंबा और विविध अनुभव है। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:
- राजस्थान पत्रिका: इन्होंने 10 वर्षों तक राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी हैं, जहाँ मुख्य रूप से क्राइम, एग्रीकल्चर फार्मिंग और जन समस्याओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत कवरेज की।
- ईटीवी राजस्थान (जयपुर): 14 साल पहले इन्होंने ईटीवी राजस्थान, जयपुर के साथ काम किया।
- शेर-ए-हिंदुस्तान: इस मीडिया संस्थान के साथ भी काम करने का अनुभव।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
मोहन लाल जोशी शैक्षणिक और तकनीकी रूप से पत्रकारिता में उच्च योग्यता रखते हैं:
- स्नातक (Graduation)
- बीजेएमसी (BJMC): बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
- पीएचडी (Ph.D.): पत्रकारिता (Journalism) में उनकी पीएचडी वर्तमान में जारी है।
