भुसावर। कस्बे के ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक केंद्र, हिंडौन सड़क मार्ग स्थित प्राचीन 'कोठी वाले हनुमानजी मंदिर' में आस्था, शक्ति और सेवा का एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला। कड़ाके की ठंड और हाड़ कंपाने वाली ठिठुरन के बीच, समूचा मंदिर परिसर पौष बड़ा प्रसादी की खुशबू से महक उठा, जिसने न केवल श्रद्धालुओं को शारीरिक राहत दी, बल्कि पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। भीषण सर्दी के बावजूद भक्तों का उत्साह चरम पर था, जो अटूट श्रद्धा के साथ पवनपुत्र हनुमान के दरबार में अपनी हाजिरी लगाने पहुंचे।

इस भव्य आयोजन की पृष्ठभूमि में सामुदायिक सहयोग और सामाजिक समरसता की गहरी झलक दिखाई दी। कोठी वाले हनुमानजी मंदिर के पुजारी रोहित शर्मा और डव्वू जती ने कार्यक्रम का विवरण साझा करते हुए बताया कि इस महोत्सव का शुभारंभ कस्बे के सेठ गूजरमल चैरिटीटेवल ट्रस्ट धर्मशाला में हुआ। यहाँ अग्रवाल समाज भुसावर द्वारा नव वर्ष 2026 के उपलक्ष्य में 'मिलन समारोह' एवं 'पौष बड़ा महोत्सव' का सामूहिक आयोजन किया गया। स्थानीय सेवादारों और समाज के लोगों ने पूरी तन्मयता और शुद्धता के साथ प्रसादी तैयार की, जिसे बाद में कोठी वाले हनुमानजी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया।

जैसे ही प्रसादी वितरण की सूचना फैली, सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर प्रांगण में एकत्रित होने लगे। भक्त कतारबद्ध होकर भगवान के दर्शन कर रहे थे और जयकारों के उद्घोष के साथ प्रसादी ग्रहण कर रहे थे। मंदिर परिसर "जय श्री राम" और "जय हनुमान" के नारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने इस पावन अवसर पर अपनी अरदास लगाते हुए परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली के लिए विशेष मनोकामनाएं मांगी।

यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं था, बल्कि यह जनसहयोग की शक्ति का जीवंत उदाहरण भी बना। कोठी वाले हनुमानजी मंदिर के सभी भक्तों और सेवादारों का सहयोग अत्यंत सराहनीय रहा। इस कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि जब सामूहिक प्रयास और निस्वार्थ सेवा की भावना मिलती है, तो वह न केवल किसी आयोजन को सफल बनाती है, बल्कि समाज में सकारात्मकता और आपसी सद्भाव का संचार भी करती है। भक्ति के इस सागर में डूबे भुसावर कस्बे के लिए यह दिन एक यादगार उत्सव के रूप में दर्ज हो गया।

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