डीग, 19 जनवरी। राजस्थान के डीग जिले में कृषि और सहकारिता के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव की नींव रखी गई है। जिला कलेक्टर उत्सव कौशल की दूरगामी सोच और 'कृषक कल्याण' की प्राथमिकता ने जिले के सहकारिता ढांचे को एक नई ऊर्जा प्रदान की है। सोमवार को पंचायत समिति सभागार में आयोजित जिला सहकारी विकास समिति की उच्च स्तरीय बैठक महज़ एक औपचारिक चर्चा नहीं, बल्कि जिले के अन्नदाताओं के भविष्य को संवारने वाला एक निर्णायक कदम साबित हुई। कलेक्टर उत्सव कौशल ने स्पष्ट लहजे में अधिकारियों को निर्देशित किया कि सहकारिता का असली लाभ तब है जब वह अंतिम छोर पर बैठे पसीने से तरबतर किसान के चेहरे पर मुस्कान ला सके।

इस बैठक का सबसे अहम पड़ाव जिले के भंडारण बुनियादी ढांचे को सशक्त करना रहा। बजट घोषणा 2025-26 की अनुपालना में डीग क्रय-विक्रय सहकारी समिति लिमिटेड के लिए 500 मीट्रिक टन क्षमता वाले विशाल गोदाम की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट का प्रशासनिक अनुमोदन किया गया। यह गोदाम आने वाले समय में अनाज और उर्वरक की कमी की समस्या को जड़ से समाप्त करने में मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, बहज और कासौट ग्राम सेवा सहकारी समितियों के उन पुराने पड़ चुके गोदामों के पुनरुद्धार की योजना बनाई गई है जो समय की मार झेल रहे थे। इन जर्जर संरचनाओं का पुनर्निर्माण समितियों की कार्यक्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

तकनीक और विस्तार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए, पहाड़ी ब्लॉक के खेडली गुमानी में नवीन ग्राम सेवा सहकारी समिति के गठन की अभिशंषा की गई है। विभागीय मापदंडों को पूरा करने वाली इस समिति के पंजीकरण के बाद क्षेत्र के किसानों को खाद-बीज के लिए दूर नहीं भटकना होगा। वहीं, कामां की नौनेरा ग्राम सेवा सहकारी समिति में 'कस्टम हायरिंग सेंटर' की स्थापना का प्रस्ताव जिले के कृषि परिदृश्य को बदलने वाला है। अब गरीब से गरीब किसान भी मामूली किराए पर आधुनिक कृषि यंत्र प्राप्त कर सकेगा, जिससे न केवल खेती की लागत घटेगी बल्कि पैदावार में भी इजाफा होगा।

बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां और जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहन सिंह फौजदार ने कार्यान्वयन की बारीकियों पर नजर रखी। सहायक रजिस्ट्रार रामावतार सिंह ने विभागीय प्रक्रियाओं को स्पष्ट किया, जबकि कृषि विभाग के उपनिदेशक, जिला रसद अधिकारी और डीसीसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों ने साझा रणनीति बनाकर यह सुनिश्चित किया कि सरकार की कल्याणकारी योजनाएं कागजों से निकलकर सीधे खेतों तक पहुंचें। डीग जिले में सहकारिता का यह सुदृढ़ीकरण आने वाले वर्षों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगा।

Pratahkal Bureau

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