बयाना में भीषण अग्निकांड का तांडव: छप्पर में लगी आग ने ली चार बेजुबानों की जान, राख हुआ गृहस्थी का सपना
बयाना के रुदावल क्षेत्र के निभेरा गाँव में बीती रात भीषण अग्निकांड हुआ, जहाँ एक रिहायशी छप्पर में आग लगने से चार दुधारू गायों की जिंदा जलकर मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में पीड़ित परिवार का सारा घरेलू सामान जलकर राख हो गया और लाखों का नुकसान हुआ है। ग्रामीणों की मशक्कत से आग पर काबू पाया गया। पूरी खबर पढ़ें।

बयाना। राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित रुदावल तहसील के निभेरा गाँव में बीती रात काल बनकर आई आग ने एक हँसते-खेलते परिवार की खुशियाँ उजाड़ दीं। आधी रात के सन्नाटे को चीरती आग की लपटों ने न केवल एक रिहायशी छप्पर को अपनी आगोश में लिया, बल्कि खूंटे से बंधी चार दुधारू गायों को संभलने तक का मौका नहीं दिया। इस हृदयविदारक हादसे में चारों गायों की जिंदा जलने से दर्दनाक मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
यह मंजर उस वक्त शुरू हुआ जब रात के करीब 11 बजे पीड़ित परिवार अपने घर के बाहरी हिस्से में बने छप्परनुमा आशियाने के पास गहरी नींद में था। इसी छप्पर के नीचे परिवार की आजीविका का मुख्य आधार रहीं चार गायें बंधी हुई थीं। अचानक छप्पर से आग की ऊँची लपटें उठने लगीं। सूखी घास और लकड़ी से निर्मित होने के कारण छप्पर ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। जब तक परिवार के सदस्यों की आँख खुली और वे कुछ समझ पाते, तब तक अग्निदेव का तांडव चरम पर पहुँच चुका था।
आसपास के ग्रामीण शोर सुनकर मौके पर दौड़े और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि गायों को खूंटे से खोलने का साहस कोई नहीं जुटा सका। बेजुबान जानवर आग की लपटों के बीच छटपटाते रहे और अंततः मौके पर ही दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए बाल्टियों से पानी डालना शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे यह भीषण आग पड़ोस के अन्य मकानों तक फैलने से रुक गई। हालांकि, तब तक घर में रखा अनाज, कपड़े और अन्य कीमती घरेलू सामान जलकर खाक हो चुका था।
इस अग्निकांड ने पशुपालक परिवार को आर्थिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया है, क्योंकि दुधारू गायों की मौत से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। स्थानीय संवाददाता देवीसिंह प्रजापत के अनुसार, घटना के बाद से ही निभेरा गाँव में सन्नाटा पसरा हुआ है और ग्रामीणों में इस अनहोनी को लेकर गहरा भय व्याप्त है। वर्तमान में पीड़ित परिवार प्रशासन से मुआवजे की आस लगाए बैठा है, ताकि इस भारी क्षति से उबर सके।

Pratahkal Bureau
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