भुसावर में आस्था का सैलाब: 11 मन सामग्री के अन्नकूट और माता के जयकारों से गुंजायमान हुआ पूरा कस्बा
राजस्थान के भुसावर में खेरे वाली चांवड माता और भूमिया बाबा मंदिर में भव्य अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया गया। 11 मन सामग्री से तैयार पुआ-पकोड़े की प्रसादी और मां भगवती जागरण ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पुजारी दुर्गा प्रसाद कोली सहित हजारों भक्तों की मौजूदगी में संपन्न हुआ यह उत्सव लोक आस्था का प्रतीक बना।

भुसावर। राजस्थान की पावन धरा पर लोक आस्था और भक्ति का एक अनूठा संगम देखने को मिला है। भरतपुर जिले के भुसावर कस्बे में आयोजित भव्य अन्नकूट महोत्सव ने न केवल धार्मिक उल्लास बिखेरा, बल्कि क्षेत्र की गहरी सांस्कृतिक जड़ों को भी जीवंत कर दिया। मूसेपुर मार्ग पर स्थित ऐतिहासिक खेरे वाली चांवड माता मंदिर और भूमिया बाबा मंदिर के प्रांगण में आयोजित इस उत्सव में श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा वातावरण 'जय माता दी' और 'भूमिया बाबा की जय' के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। भक्ति और शक्ति के इस महापर्व में हजारों की संख्या में भक्तों ने माथा टेककर खुशहाली की कामना की।
इस भव्य धार्मिक आयोजन की शुरुआत मां भगवती के विशाल जागरण के साथ हुई, जिसमें पूरी रात भक्ति संगीत की सरिता प्रवाहित हुई। मंदिर के पुजारी दुर्गा प्रसाद कोली के सान्निध्य में विशेष अनुष्ठान संपन्न किए गए। आयोजन का मुख्य आकर्षण 11 मन (लगभग 440 किलोग्राम) सामग्री से तैयार किया गया विशाल अन्नकूट रहा। इस महाप्रसाद में पारंपरिक पुआ और पकोड़े का विशेष भोग लगाया गया, जिसे तैयार करने में कई दिनों की श्रद्धा और सेवा समाहित थी। मंदिर समिति के सक्रिय सदस्य प्यारे लाल और सुरेश प्रजापत ने बताया कि इस वार्षिक उत्सव की तैयारी महीनों पहले शुरू हो जाती है, जिसमें पूरे क्षेत्र का सहयोग और अटूट विश्वास शामिल होता है।
जैसे ही अन्नकूट प्रसादी का वितरण शुरू हुआ, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लंबी कतारों में लगे भक्तों के चेहरे पर श्रद्धा का भाव स्पष्ट झलक रहा था। खेरे वाली चांवड माता मंदिर और भूमिया बाबा मंदिर के साथ-साथ कस्बे के प्रसिद्ध बड वाले शिम्भू हनुमानजी मंदिर पर भी विशेष सजावट की गई और धार्मिक कार्यक्रमों की धूम रही। मूसेपुर मार्ग पर होने वाले इस आयोजन ने भुसावर को एक लघु तीर्थ का रूप दे दिया। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर कड़े प्रबंध किए गए थे ताकि दूर-दराज से आने वाले दर्शनार्थियों को सुगमता से माता के दर्शन प्राप्त हो सकें।
यह महोत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि राजस्थान की उस लोक संस्कृति का प्रतिबिंब है जहाँ सामुदायिक सौहार्द और सेवा भाव सर्वोपरि है। 11 मन अन्नकूट की प्रसादी का वितरण देर रात तक चलता रहा, जिसमें समाज के हर वर्ग ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पुजारी दुर्गा प्रसाद कोली और समिति के अन्य सदस्यों की देखरेख में संपन्न हुआ यह आयोजन क्षेत्र की आध्यात्मिक समृद्धि का प्रतीक बन गया है। इस तरह के आयोजन न केवल प्राचीन परंपराओं को अक्षुण्ण रखते हैं, बल्कि आधुनिक समाज को भी अपनी जड़ों और लोक आस्थाओं से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
