कामां (भरतपुर) – कामां कस्बे में एक विक्षिप्त महिला को समाजसेवी प्रयासों के माध्यम से सुरक्षित आश्रय दिलाया गया। जानकारी के अनुसार, कस्बे के बस स्टैंड पर भटकती हुई महिला की स्थिति को देखकर स्थानीय लोगों ने अपनाघर सेवा समिति को सूचित किया। यह सूचना यादराम लोधा होटल के कर्मचारियों द्वारा समिति तक पहुँचाई गई।

सूचना मिलते ही अपनाघर सेवा समिति के अध्यक्ष प्रमोद पुजारी और अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि महिला वास्तव में मानसिक रूप से विक्षिप्त और असुरक्षित स्थिति में थी। तुरंत ही कामां थाना पुलिस के सहयोग से महिला की पहचान और सत्यापन किया गया। इसके बाद, अपनाघर आश्रम बझेरा की एम्बुलेंस द्वारा महिला को पुनर्वास हेतु रात लगभग एक बजे रवाना किया गया।

इस कार्यवाही में टीम ने महिला की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लगभग तीन घंटे तक ठंडे मौसम में बस स्टैंड पर ही महिला की निगरानी की। इस सेवा कार्य में संजय जैन बड़जात्या, खेमराज खंडेलवाल, सुरेश सोनी, मनोज गोयल, अनिता और रामवती ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

समिति के इस प्रयास ने न केवल एक बेसहारा महिला को सुरक्षित आश्रय दिलाया बल्कि समाज में मानवता और सेवा की भावना को भी प्रदर्शित किया। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि सामुदायिक पहल और तत्परता से संकट की स्थिति में जीवन बचाया जा सकता है।

Rambabu Dixit

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रामबाबू दीक्षित, हमारे समाचार टीम के वरिष्ठ संवाददाता हैं। समाचार रिपोर्टिंग में उनके पास वर्षों का अनुभव है और वे हमेशा सटीक, निष्पक्ष और तथ्यपूर्ण खबरें प्रस्तुत करने के लिए समर्पित रहते हैं। उन्होंने विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विषयों पर गहन कवरेज किया है और अपने लेखन में पाठकों को विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने का विश्वास रखते हैं। प्रात:काल में रामबाबू दीक्षित की रिपोर्टिंग पाठकों को घटनाओं की वास्तविक तस्वीर समझने में मदद करती है।

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