डीग के 40 प्रगतिशील किसान अंतरराज्यीय कृषि भ्रमण पर रवाना, 'आत्मा योजना' के तहत सीखेंगे उन्नत खेती और पशुपालन
डीग के 40 प्रगतिशील किसान राज्य सरकार की 'आत्मा योजना' के तहत सात दिवसीय अंतरराज्यीय कृषि भ्रमण पर रवाना हुए। दल उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कृषि एवं अनुसंधान संस्थानों में उन्नत खेती और पशुपालन की तकनीक सीखकर जिले में नवाचार और आधुनिक कृषि विधियों का प्रसार करेगा।c

डीग, 01 दिसंबर 2025: कृषि क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीकों के समावेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की 'आत्मा योजना' के तहत डीग जिले के 40 प्रगतिशील किसानों का दल सोमवार को अंतरराज्यीय भ्रमण पर रवाना हुआ। जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने कलेक्ट्रेट रोड से बस को हरी झंडी दिखाकर इस ज्ञानवर्धक यात्रा का शुभारंभ किया। यह दल उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के प्रतिष्ठित कृषि और अनुसंधान संस्थानों का सात दिवसीय दौरा करेगा।
संयुक्त निदेशक कृषि विभाग रामकुवर जाट ने बताया कि यह यात्रा मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के अनुपालन में आयोजित की गई है। इसका उद्देश्य किसानों को राज्य की सीमाओं से बाहर ले जाकर देश के अन्य कृषि संस्थानों में अपनाई जा रही नई तकनीकों और नवाचारों को प्रत्यक्ष रूप से देखने और सीखने का अवसर प्रदान करना है। इस तरह किसान अपने खेतों में इन तकनीकों को लागू कर आय वृद्धि और कृषि दक्षता में सुधार कर सकेंगे।
भ्रमण कार्यक्रम की रूपरेखा इस प्रकार तैयार की गई है कि इसमें फसल उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। दल का पहला पड़ाव मखदूम (उत्तर प्रदेश) स्थित 'केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान' होगा, जहां किसान वैज्ञानिक विधि से बकरी पालन और पशुपालन की बारीकियां सीखेंगे। इसके बाद दल ग्वालियर (मध्य प्रदेश) स्थित कृषि विश्वविद्यालय का दौरा करेगा, जहां शैक्षणिक और प्रायोगिक खेती के आधुनिक तरीकों पर ध्यान दिया जाएगा। झांसी (उत्तर प्रदेश) में भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान की यात्रा के दौरान किसान उन्नत किस्म की घास और चारे के उत्पादन की तकनीक सीखेंगे। यात्रा का अंतिम पड़ाव इंदौर (मध्य प्रदेश) होगा, जो सोयाबीन उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। यहां दल सोयाबीन की उन्नत खेती और प्रसंस्करण तकनीक का अध्ययन करेगा।
कृषि अधिकारियों ने इस यात्रा के दूरगामी महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब किसान नई तकनीक को स्वयं देखता है, तो उसका विश्वास दृढ़ होता है। इन 40 किसानों के लौटने के बाद जिले में नवाचारों के प्रसार की उम्मीद है। शुरुआती प्रयास में यदि कुछ किसान नई तकनीक अपनाते हैं, तो अन्य किसान भी प्रेरित होंगे और यह धीरे-धीरे जिले में एक सकारात्मक कृषि मुहिम का रूप लेगा।
इस अंतरराज्यीय भ्रमण का मुख्य उद्देश्य किसानों को परंपरागत खेती से जोड़कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने में सक्षम बनाना है। सात दिन बाद जब यह दल डीग लौटेगा, तो वे स्वयं लाभान्वित होने के साथ-साथ 'मास्टर ट्रेनर' के रूप में जिले के अन्य किसानों को प्रेरित करेंगे। इस अवसर पर कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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