शहर के कॉलोनाइजर विनोद अदलक्खा ने सरकार, नगर परिषद और नगर पालिकाओं को सुझाव दिया है कि रेरा के नियम केवल मल्टीस्टोरी बिल्डिंग पर ही लागू होने चाहिए। उन्होंने आवासीय कॉलोनियों पर रेरा के अतिरिक्त पंजीकरण के भार को हटाने की वकालत की है।

विनोद अदलक्खा का कहना है कि यदि कोई कॉलोनाइजर कृषि भूमि पर आवासीय कॉलोनी विकसित करना चाहता है और नगर परिषद या नगरपालिका के माध्यम से भू-उपयोग परिवर्तन करवाकर प्लॉट बेचना चाहता है, तो उसे पहले से ही कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं की पूरी व्यवस्था करनी होती है। इनमें रोड, नाली, बिजली और पानी आदि की व्यवस्था शामिल है।

उन्होंने बताया कि विकास कार्य पूरा होने तक 12.5 प्रतिशत कन्वर्टेड एरिया नगर परिषद में गिरवी रखना पड़ता है। काम पूरा होने और पांच कर्मों के उपरांत ही जमीन को रिलीज किया जाता है।

ऐसी स्थिति में आवासीय कॉलोनियों पर रेरा का अतिरिक्त पंजीकरण करवाना केवल एक अतिरिक्त बोझ है। कॉलोनाइजर का तर्क है कि इस प्रकार के नियमों का आवासीय कॉलोनियों पर बार-बार या अतिरिक्त भार नहीं होना चाहिए।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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