स्वामी विवेकानंद उच्च माध्यमिक विद्यालय, महावीर नगर तृतीय, कोटा में आयोजित क्षेत्रीय नवीन प्रधानाचार्य प्रशिक्षण वर्ग के बौद्धिक सत्र में सोमवार को जोधपुर प्रांत के संगठन मंत्री रवि कुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रशिक्षण वर्ग के पालक प्रोफेसर भारतराम कुम्हार भी मौजूद रहे।

मुख्य वक्ता रवि कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय शिक्षा दर्शन को समझना अत्यंत कठिन है, क्योंकि यह अथाह समुद्र के समान व्यापक और गहन है। उन्होंने कहा कि विद्या भारती तथा उसके लक्ष्यों को समझने के लिए गंभीर प्रयास आवश्यक हैं तथा शिक्षा की दिशा, उद्देश्य और लक्ष्य को जानना अनिवार्य है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा को अखंड स्वरूप में गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ने वाली परंपरा बताया।

उन्होंने कहा कि ज्ञान केवल रोजगार प्राप्त करने का साधन नहीं है, बल्कि यह जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आवश्यक है। मनुष्य प्राचीन ज्ञान को नवीन ज्ञान से जोड़ते हुए जीवन की चुनौतियों को अनुभव के रूप में स्वीकार करता है। समस्त ज्ञान मनुष्य की आत्मा में निहित होता है और आत्मा का आवरण हटने पर ज्ञान की प्राप्ति होती है। रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि भारतीय संदर्भ में शिक्षा राष्ट्रपरायण होनी चाहिए, जो विश्व कल्याण की भावना के साथ राष्ट्र को परम वैभव की ओर ले जाए तथा व्यक्ति के समग्र विकास का माध्यम बने।

उन्होंने स्वामी विवेकानंद का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिका में भारतीय ज्ञान और दर्शन का प्रभावी परिचय देकर विश्वभर में भारत की प्रतिष्ठा को बढ़ाया। कार्यक्रम में राजस्थान क्षेत्र संगठन मंत्री गोविंद कुमार, प्रांत निरीक्षक नवीन कुमार, सतीश गौतम जिला सचिव तथा डॉ. महेश शर्मा वर्ग सह-प्रबंध प्रमुख सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। यह जानकारी विद्या भारती बारां जिला सचिव राजेंद्र कुमार शर्मा द्वारा दी गई।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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