विद्या भारती से संबद्ध विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की दो दिवसीय सत्रारंभ चिंतन बैठक आदर्श विद्या मंदिर किशनगंज में संपन्न हुई, जिसमें शिक्षा की दिशा, गुणवत्ता और संस्कार आधारित शिक्षण व्यवस्था पर व्यापक मंथन किया गया। बैठक विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत के सह मंत्री डॉ. विमल कुमार जैन के मुख्य मार्गदर्शन एवं जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार राठौर के सान्निध्य में आयोजित हुई।

बैठक संयोजक एवं प्रधानाचार्य कृष्ण कन्हैया पांचाल ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वंदना के साथ हुआ। प्रारंभिक सत्र में जिला सचिव ने नए शैक्षणिक सत्र को अधिक प्रभावी, परिणामोन्मुख एवं संस्कारयुक्त बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ मूल्य आधारित शिक्षा को प्रत्येक विद्यालय में लागू करना समय की आवश्यकता है।

बैठक में गत सत्र की विस्तृत समीक्षा करते हुए आगामी सत्र के लिए कार्ययोजना तैयार की गई। विद्या आरंभ संस्कार प्रवेश उत्सव अभियान तथा अभिभावक संपर्क को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया। शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर एवं अन्य आधुनिक संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने, मासिक परीक्षण, विषयवार समीक्षा तथा कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया।

दसवीं बोर्ड परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए आगामी सत्र में और बेहतर परिणाम प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। बैठक के द्वितीय चरण में प्रांत सह मंत्री डॉ. विमल कुमार जैन ने संस्कार केंद्रों के विस्तार, समाज में सकारात्मक विमर्श निर्माण तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भारत केंद्रित सकारात्मक विमर्श वर्तमान युग की आवश्यकता है और सही दिशा में किया गया चिंतन ही उत्कृष्ट परिणाम देता है।

समापन सत्र में जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार राठौर ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि समाज जागरण और राष्ट्र निर्माण का माध्यम है। उन्होंने प्रधानाचार्यों से आह्वान किया कि वे आचार्य, अभिभावक एवं समिति के साथ सतत संवाद बनाए रखते हुए विद्यालय की गुणवत्ता को निरंतर ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।

इस अवसर पर विद्या भारती के पदाधिकारी एवं प्रधानाचार्यों ने संयुक्त रूप से वृक्षारोपण किया और पक्षियों के लिए परिंदे लगाए। बैठक का समापन आभार प्रदर्शन एवं शांति मंत्र के साथ हुआ, जो शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन और समर्पित प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरा।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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