विद्या भारती शिक्षा संस्थान, कोटा द्वारा आयोजित नवीन आचार्य एवं आधारभूत विषय प्रशिक्षण वर्ग में रविवार को “भारतीय ज्ञान परंपरा” विषय पर एक महत्वपूर्ण बौद्धिक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्रांत सहमंत्री, चित्तौड़ प्रांत डॉ. विमल कुमार जैन ने भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न आयामों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की प्राचीन शिक्षा व्यवस्था केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों के संवर्धन, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा राष्ट्रभावना के विकास का प्रभावी माध्यम रही है।

अपने संबोधन में डॉ. जैन ने वेद, उपनिषद, दर्शन, विज्ञान, गणित और भारतीय संस्कृति के क्षेत्र में देश के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय चिंतन और ज्ञान परंपरा आज भी प्रासंगिक है तथा शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि वे इसे शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाएं, जिससे विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय मूल्यों का विकास हो सके।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्रीमती स्नेहलता ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा जीवन को समग्र दृष्टिकोण प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति में भी भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न पक्षों को महत्व देते हुए उन्हें शैक्षणिक ढांचे में समाहित किया गया है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्या भारती शिक्षा संस्थान, कोटा के जिलाध्यक्ष महावीर प्रसाद गौतम ने की। इस अवसर पर जिला सचिव सतीश कुमार गौतम, सहसचिव डॉ. महेश शर्मा सहित प्रशिक्षण वर्ग में सहभागी आचार्य एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. महेश शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण वर्ग का मुख्य उद्देश्य नवीन आचार्यों को शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं वैचारिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकें। कार्यक्रम ने भारतीय शिक्षा दर्शन की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए शिक्षकों को ज्ञान, संस्कार और राष्ट्रनिर्माण के प्रति नई प्रेरणा प्रदान की।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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