बारां/उदयपुर। विद्या भारती चित्तौड़ प्रान्त, उदयपुर के तत्वावधान में सोमवार को प्रबंध समिति कार्यकर्ता सम्मेलन का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के मंत्री आ. ब्रह्माजी राव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मुख्य वक्ता आ. अवनीशजी भटनागर, विद्या भारती के प्रांत अध्यक्ष ललित प्रकाश तथा मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के जनजातीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

“शिक्षा का भारतीय अधिष्ठान” विषय पर प्रबोधन देते हुए विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के उपाध्यक्ष एवं मुख्य वक्ता आ. अवनीश भटनागर ने कहा कि भारतीय शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा, परिणाम और रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्थक जीवन का निर्माण करना है। भारतीय शिक्षा का अधिष्ठान विश्व कल्याण, राष्ट्र की उन्नति और व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में निहित है।

भटनागर ने कहा कि विद्या भारती सामूहिक विचार, सामूहिक चिंतन और सामूहिक क्रियान्वयन के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य कर रही है। वर्तमान समय में समाज में तेजी से सकारात्मक एवं नकारात्मक परिवर्तन हो रहे हैं। ऐसे समय में अच्छे परिवर्तन के वाहक बनना कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का लक्ष्य विद्यार्थी को केवल परीक्षा में सफल बनाना अथवा रोजगार के योग्य बनाना नहीं है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जो व्यक्ति के जीवन को सार्थक बनाए और उसे समाज, राष्ट्र तथा विश्व के कल्याण के लिए सक्षम बनाए। सेवा, परोपकार और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध भारतीय शिक्षा के व्यापक उद्देश्य का हिस्सा हैं।

श्रीमद्भगवद्गीता में वर्णित कार्य की सफलता के सूत्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य की सफलता में कर्ता, करण, विविध प्रकार के प्रयास और दैवीय कृपा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कार्यकर्ता के लिए अपने कार्य के अधिष्ठान और उद्देश्य की स्पष्टता आवश्यक है।

उन्होंने शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति के शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी हो, जिससे शरीर सबल एवं निरोगी बने, प्राणशक्ति प्रबल हो, मन शांत एवं एकाग्र रहे तथा बुद्धि विवेकपूर्ण बने। नैतिकता और आध्यात्मिकता के आधार के साथ पंचकोशों का समुचित विकास ही व्यक्ति के वास्तविक सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करता है।

राजस्थान सरकार के जनजातीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ आध्यात्मिक एवं संस्कारयुक्त शिक्षा देना आवश्यक है।

मंच परिचय प्रांत सचिव मानेंगे पटेल ने कराया। समारोह में गोविंद कुमार, संगठन मंत्री विद्या भारती राजस्थान, प्रांत प्रचारक मुरलीधर और निरीक्षक नवीन कुमार झा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचलन बारां जिला सचिव राजेंद्र शर्मा ने किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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